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निर्दलियों पर रहेगा दारोमदार

6 वर्ष पहले
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नाम फाइनल नहीं कर पाए कांग्रेसी

जांजगीर| जिलागठन के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि जिले की सबसे बड़ी जिला पंचायत के अध्यक्ष की कुर्सी कांग्रेस को मिल सकती है, लेकिन अध्यक्ष के लिए किसी एक नाम पर पार्टी में सहमति नहीं बन पा रही है। पार्टी समर्थित चार अजा वर्ग के प्रत्याशी निर्वाचित हुए हैं। पामगढ़ क्षेत्र से निर्वाचित प्रेमचंद जायसी और श्रीमती पुष्पा दिव्य ने गुरूवार को पर्यवेक्षक द्वारा ली गई बैठक में अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की, जबकि एक सदस्य नंदकिशोर हरबंश अपने समर्थकांे सहित बैठक में शामिल नहीं हुए लेकिन उनकी दावेदारी -शेष|पेज14



मानीगई। वहीं एक निर्दलीय चैनसिंह सामले ने भी कांग्रेस की आेर से अध्यक्ष पद की दावेदारी की है। बैठक में अंतिम निर्णय नहीं हो सका अब गेंद पार्टी संगठन के पाले में है, फैसला प्रदेशाध्यक्ष करेंगे। कांग्रेस किसी एक नाम पर सहमत हो तो आसानी से अध्यक्ष पद पर कब्जा किया जा सकता है। चुनाव जितने के बाद पद की लालसा सबकी बढ़ गई है। पार्टी के अजा वर्ग से चार सदस्य निर्वाचित है गुरूवार को पर्यवेक्षक दीपक दुबे ने नवनिर्वाचित सदस्यों की बैठक लेकर रायशुमारी की तो इनमें से तीन सदस्यों प्रेमचंद जायसी, श्रीमती प्रीति दिव्य ने अध्यक्ष के लिए पर्यवेक्षक के सामने दावा किया वहीं सांसद के बेटे प्रदीप पाटले को हराकर निर्वाचित हुए नंदकिशोर हरबंश की अनुपस्थिति में भी उनकी दावेदारी मानी गई। बैठक में सुशांत सिंह, अमित राठौर निर्दलीय चैनसिंह सामले, विजय लक्ष्मी सामले, टेकचंद चंद्रा, सरवन सिदार भी शामिल हुए।

भास्कर की संभावना पर सामले ने लगाई मुहर

मालखरौदा विधानसभा से कांग्रेस की टिकट पर विधायक रहे चैनसिंह सामले को इस बार पार्टी ने अधिकृत नहीं किया था। उन्होेंने निर्दलीय चुनाव लड़ा विजय हासिल की साथ उनकी प|ी विजय लक्ष्मी सामले भी सदस्य निर्वाचित हो गई हैं। दैनिक भास्कर ने 6 फरवरी को प्रकाशित खबर में इस बात का उल्लेख किया था कि भाजपा द्वारा आॅफर देने के बाद भी श्री सामले भविष्य में अपनी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भाजपा के बजाय कांग्रेस का साथ दे सकते हैं। गुरूवार को खबर पर मुहर भी लग गई। सामले अपनी प|ी सहित कांग्रेस की बैठक में शामिल हुए और अध्यक्ष के लिए भी दावेदारी जताई।

बैठक में शामिल चैन सिंह शामले जिपं सदस्य

विधायक के भाई को उपाध्यक्ष की आस

अकलतराके कांग्रेस के विधायक चुन्नीलाल साहू के भाई अजीत साहू भी निर्दलीय चुनाव जीतकर जिला पंचायत पहुंच गए हैं। वे अब उपाध्यक्ष बनना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने प्रयास भी शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि वे अपने कुछ समर्थकाें के साथ इन दिनों अज्ञातवास में हैं। वहीं नंदकिशोर हरबंश भी अपने समर्थकों के साथ अज्ञातवास में हैं।

^पर्यवेक्षक ने सदस्यों से रायशुमारी की है, कुछ ने अध्यक्ष के लिए दावा किया है। हमारे पास पार्टी समर्थित सदस्यों के अलावा कांग्रेसी पृष्ठभूमि के अन्य सदस्यों को मिलाकर 16 सदस्य हैं। नंदकिशोर हरबंश बाहर हैं, उनसे संपर्क नहीं हो पाया, उनसे दावेदारी के संबंध में बात नहीं हो पाई है। प्रदेश संगठन जो निर्णय लेगा वह माना जाएगा।\\\'\\\' मंजूसिंह, अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी

^पार्टी के सभी निर्वाचित सदस्य एकजुट हैं। हमारे पक्ष में 16 सदस्य गए हैं। लगातार सभी के साथ बैठकें भी चल रही हैं। भाजपा का अध्यक्ष की कुर्सी के लिए दावा करना समझ से परे है। ‘’ मंजूसिंह, जिला अध्यक्ष कांग्रेस

^जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी कांग्रेस के पास नहीं जाने देंगे। भाजपा ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। पार्टी के पक्ष में अभी तक 14 नवनिर्वाचित सदस्य गए हैं। \\\'\\\' कैलाशसाहू, जिला अध्यक्ष भाजपा

कांग्रेस जहां अपने अधिकृत 9 और पार्टी की पृष्ठभूमि से जुड़े अन्य निर्वाचित सदस्यों के दम पर जीत का दावा कर रही है वहीं भाजपा भी कांग्रेस को अध्यक्ष की सीट नहीं देने की बात कह रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष का दावा है कि उनके पास 16 सदस्य हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी 14 सदस्य अपने पक्ष में होने का दावा किया है। कांग्रेस अपनी पार्टी के अधिकृत प्रज्याशियों के साथ ही पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़कर जिपं पहुंचे सदस्यों के दम पर अध्यक्ष की कुर्सी पाने की कोशिश में हैं। इधर भाजपा भी यह सीट कांग्रेस को देने की बताए अजा वर्ग के निर्दलीय जिपं सदस्य को अपनी पार्टी से जोड़कर निर्दलियों के समर्थन से अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाने की जुगत में लगी है।

भाजपा का ही रहा है कब्जा

जिलागठन के बाद से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर भाजपा का ही कब्जा रहा है। जिपं के प्रथम अध्यक्ष दिनेश गबेल ने 1 मार्च 2000 से 28 फरवरी 2005 तक काम संभाला जो भाजपा से थे। इसके बाद कमला देवी पाटले 1 मार्च 2005 से 16 मई 2009 तक अध्यक्ष रहीं। कमला के सांसद चुने जाने के बाद कांग्रेस के पूर्णेंद्र राणा ने प्रभारी के तौर पर 17 मई 2009 से 31 मई 2009 तक कामकाज संभाला। इसके बाद भाजपा की श्रीमती नंदनी राजवाड़े ने 1 जून 2009 से 27 फरवरी 2010 तक अध्यक्ष की कुर्सी संभाली। भाजपा की ही श्रीमती सूरज कश्यप 28 फरवरी 2010 से अब तक अध्यक्ष हैं।

क्षेत्र निर्वाचित पार्टी

{1उमाबाई कश्यप कांग्रेस

{ 2 धनबाई यादव निर्दलीय

{ 3 नरेंद्र कौशिक भाजपा

{ 4 ज्योति कश्यप कांग्रेस

{ 5 प्रेमचंद जायसी कांग्रेस

{ 6 प्रीति दिव्य कांग्रेस

{ 7 इंदु बंजारे बसपा

{ 8 कल्याणी साहू भाजपा

{ 9 संदीप यादव कांग्रेस

{ 10 सुशांत सिंह कांग्रेस

{ 11 नंदकिशोर हरबंश कांग्रेस

{ 12 संतोषी कंवर निर्दलीय

{ 13 अजीत साहू निर्दलीय

{ 14 जितेन्द्र केंवट निर्दलीय

{ 15 लक्ष्मीन महंत निर्दलीय

{ 16 टेकचंद चंद्रा निर्दलीय

{ 17 शारदा भारद्वाज कांग्रेस

{ 18 चैनसिंह सामले निर्दलीय

{ 19 सरवन सिदार निर्दलीय

{ 20 अमित राठौर कांग्रेस

{ 21 गीता गबेल निर्दलीय

{ 22 विजयलक्ष्मी सामले निर्दलीय

{ 23 तुलसी साहू बसपा

{ 24 सुखमति संवरा भाजपा

{ 25 पीतांबर पटेल भाजपा