चौधरी को मिला भारतीय मानवाधिकार सम्मान
जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर ओपी चौधरी को आल इंडिया काउंसिल आफ ह्यूमन राइट्सए लिबरटीज एंड सोशल जस्टिस ने मानवाधिकार सम्मान 2014 से नवाजा है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के छत्तीसगढ़ संवर्ग के अधिकारी ओपी चौधरी को यह सम्मान नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय मानव दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को प्रदान की गई। अोपी चौधरी वर्तमान में जांजगीर-चाम्पा जिले के कलेक्टर हैं। पूर्व में नक्सल प्रभावित आदिवासी बहुल दंतेवाड़ा जिले में अपने कार्यकाल के दौरान बच्चों की शिक्षा तथा युवाओं के लिए रोजगार प्रशिक्षण की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास के लिए उन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ है। दंतेवाड़ा जिले में कलेक्टर रहते हुए उन्हाेंने स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षित और रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए कई योजनाएं बनाई और राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप उन्हें सफलतापूर्वक संचालित किया। इन्हीं प्रयासों के तहत निरक्षरों समेत सभी युवाओं के लिए आजीविका महाविद्यालय शुरू किया गया, जिसके जरिए अब तक 2000 से ज्यादा युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त कर कई प्रतिष्ठित संस्थानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरियां प्राप्त की हैं। श्री चौधरी ने नवोदय विद्यालयों,सैनिक स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों जैसे गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संस्थानों में आदिवासी इलाके के बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए नन्हें परिंदे नाम की योजना शुरू की, इस योजना के तहत बच्चों को इन संस्थानों की प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार किया जाता है। उनके इन प्रयासों से दंतेवाड़ा के बहुत से बच्चों ने इन संस्थानों में दाखिला प्राप्त करने में सफलता प्राप्त की है। विज्ञान शिक्षकों की कम संख्या को देखते हुए श्री चौधरी ने अनूठी योजना शुरू की, जिसे उन्होंने छू आसमान नाम दिया। इसके तहत 11वीं, 12वीं के छात्रों के लिए पीईटीए पीएमटीए आईआईआईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई।
श्री चौधरी ने राज्य शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप दंतेवाड़ा जिले में गीदम के पास ग्राम जावांगा में स्थित एजुकेशन सिटी की स्थापना भी अपने कार्यकाल में की थी। अब वे जांजगीर- चांपा जिले में युवा कार्यक्रम चलाते हुए कैरियर मार्गदर्शन की क्लास लगा रहे हैं। हर स्कूल और ब्लाक में कैरियर मार्गदर्शन कैंप लगाया जा रहा है। युवाओं को प्रशिक्षित करने जिले में लाइवलीहुड कालेज की भी स्थापना