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11 हजार क्विं. धान कम, मिलर के खिलाफ होगी कार्रवाई
कस्टम मिलिंग के लिए लिया था धान, भौतिक सत्यापन में मिली शॉर्टेज फूड एवं मार्कफेड की टीम ने महामाया मिल में मारा छापा
भास्करन्यूज|जांजगीर
कस्टममिलिंग के लिए धान उठाकर पर्याप्त चावल नहीं देने तथा जांच में स्टॉक में भी 11 हजार 295 क्विंटल का अंतर पाए जाने पर राइस मिलर्स के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला कलेक्टर कोर्ट में दर्ज किया गया है। एक सप्ताह के अंदर चावल जमा नहीं करने पर थाने में मिल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
कलेक्टर ओपी चौधरी के निर्देश पर शुक्रवार को खाद्य विभाग एवं विपणन विभाग के टीम ने महामाया राइस मिल बनारी में छापा मार कार्रवाई की। महामाया राइस मिल बनारी के संचालक द्वारा वर्ष 2013-14 में कस्टम मिलिंग के के लिए 67 हजार 288 क्विंटल धान का उठाव किया गया था। इस धान के बदले में मिलर्स ने 36 हजार 288 क्विंटल चावल जमा है। मिलर्स को 8696 क्विंटल चावल कस्टम मिलिंग का जमा और करना था। लेकिन मिलर्स द्वारा कस्टम मिलिंग का चावल जमा नहीं किया जा रहा था। जिसके कारण राइस मिल की जांच टीम ने की। मिल के स्टाक का भौतिक सत्यापन किया गया। भौतिक सत्यापन के दौरान मिल में 788 क्विंटल धान एवं 600 क्विंटल चावल पाया गया। जांच में 11295.10 क्विंटल धान कम पाया गया। शॉर्टेज धान की कीमत 1 करोड़ 85 लाख रुपए आंकी गई है। राइस मिल संचालक उक्त धान के संबंध में कोई जानकारी टीम को उपलब्ध नहीं करा सका। साथ ही कस्टम मिलिंग का चावल जमा नहीं करने के कारण महामाया राइस मिल के प्रोपाइटर गोविंद अग्रवाल, नंद किशोर अग्रवाल एवं प्रिंस अग्रवाल के विरुद्ध शासकीय धान की बिक्री कर अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज किया गया प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर ने संबंधितों को नोटिस देकर एक सप्ताह के अंदर चावल जमा करने का आदेश दिया है। एक सप्ताह के अंदर चावल जमा नहीं करने पर संबंधित फर्म के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।