- Hindi News
- ब्लड नहीं मिलने के कारण मौत से जूझ रहा दीपक
ब्लड नहीं मिलने के कारण मौत से जूझ रहा दीपक
खूनकी कमी के कारण दीपक जिला अस्पताल में मौत और जिंदगी के बीच जूझ रहा है। उसकी मदद के लिए समाज सेवी या रक्तदाता भी सामने नहीं रहे हैं। खून नहीं मिलने के कारण वह मौत के कगार पर पहुंच चुका है। उसका सांस लेना मुश्किल हो रहा है, आक्सीजन चढ़ा हुआ है। डाक्टरों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द ब्लड नहीं मिला तो दीपक की लौ कभी भी बुझ सकती है।
बीडीएम उपनगर निवासी 30 वर्षीय दीपक शर्मा अपनी मां शगुन शर्मा के साथ रहता है। दीपक के शरीर में ब्लड की कमी है। जिसके कारण पिछले पखवाड़े भर से उसका तबियत खराब है। सप्ताह भर पहले उन्होंने ब्लड टेस्ट कराया था, जिसमें उनके शरीर में 3 ग्राम ही ब्लड था। अभी ज्यादा ही तबियत खराब होने से उसकी बूढ़ी मां द्वारा जिला अस्पताल में शनिवार की रात भर्ती कराया गया है। डाक्टरों ने उसको देखते ही ब्लड की कमी कहकर सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया है। लेकिन बूढ़ी मां शगुन की माली हालत बहुत ही खराब है। उसके पास अपने बेटे के इलाज के लिए फूटी कौड़ी नहीं है। इसके अलावा बिलासपुर में देखभाल करने वाला भी कोई नहीं है। जिसके कारण बिलासपुर जाने में असमर्थता जाहिर करते हुए उसने साफ मना कर दिया है। अब दीपक को सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है।
इसलिए डाक्टरों ने उसे आक्सीजन चढ़ा रखा है। जानकारी होने के बाद दीपक का मामा जिला अस्पताल पहुंचा, जो शनिवार की रात से रविवार तक पूरा दिन ब्लड के लिए चक्कर काटता रहा लेकिन एबी पाजीटिव का ब्लड डोनर मिल ही नहीं रहा है। जिले में ब्लड बैंक नहीं होने के कारण सीधे रक्तदाता से संपर्क कर ब्लड ट्रांसफरिंग कराना ही एकमात्र रास्ता बच गया है।
कहागए समाज सेवी- फोटोखिंचाने के लिए पेपर में छपवाने के लिए बड़े-बड़े समाज सेवा जिले में नजर जाते हैं। लेकिन पिछले दो दिनों से जिला अस्पताल में मौत से जूझ रहे युवक की मदद के लिए कोई समाज सेवी सामने नही रहा है। दीपक को ब्लड देने के लिए भी कोई डोनर नही मिल रहा है।
बहुत मुश्किल में मिलता है एबी पाजिटिव
डाक्टरोंका कहना है कि एबी पाजिटिव ब्लड ग्रुप बहुत मुश्किल में मिलता है। इसी कारण दीपक की बूढ़ी मां और मामा ब्लड के लिए दर-दर भटकने मजबूर है। जिले में ब्लड बैंक भी नहीं है जहां खून स्टोर कर जरूरतमंदों को समय पर दिया जा सके।
कुछ कहा नहीं जा सकता
दीपकका इलाज कर रहे डा. एमडी तेंदवे ने बताया कि ब्लड की कमी के