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धान बेचने के लिए सोसायटी का चक्कर काट रहे किसान
खरीदी केंद्र से धान लेकर लौट रहे किसान
अकलतरा| सेवासहकारी समिति पकरिया झूलन में पंजीयन के बाद भी किसानों को धान बेचने सोसायटी का चक्कर काटना पड़ रहा है। कम्प्यूटर में पंजीयन लोड होने की बात कहकर किसानों को वापस लौटाया जा रहा है। किसान हरनारायण राठौर ने बताया कि उसने अपनी 3 एकड़ भूमि के लिए 30 अक्टूबर को सेवा सहकारी समिति पकरिया झूलन में पंजीयन कराया था। पंजीयन के बाद समिति सेवक द्वारा पावती भी दी गई थी। वह 11 दिसम्बर को समिति में 120 कट्टी धान लेकर पहुंचा। धान का तौल होने के बाद किसान द्वारा धान का चेक देने की मांग समिति सेवक से की गई, लेकिन समिति सेवक द्वारा कम्प्यूटर में पंजीयन लोड होने की बात कहकर किसान की तौल हुई धान को वापस लौटा दिया गया।
पंजीयन के बाद भी खरीदी होने से किसान परेशान है। किसान विष्णु कश्यप ने बताया कि उसके द्वारा धान बेचने के लिए समिति में पंजीयन कराया गया था, लेकिन वर्तमान में धान बेचने आने पर उसका पंजीयन होने की जानकारी मिल रही है। पंजीयन नहीं होने से वह 150 बोरा धान बेचने से वंचित हो रहा है। किसान बद्रीप्रसाद कश्यप ने बताया कि 17 एकड़ भूमि में से केवल 11 एकड़ धान का पंजीयन समिति प्रबंधक द्वारा बताया जा रहा है। 6 एकड़ का पंजीयन होने की बात कहकर धान खरीदी नहीं की जा रही है। रामशरण कश्यप, विजय केंवट और गांव के अन्य किसान पंजीयन होने से धान बेचने से वंचित हो रहे हैं। किसानों द्वारा निर्धारित प्रपत्र में पंजीयन के लिए आवेदन सोसायटी में जमा करवाया गया था, लेकिन वर्तमान में किसान धान लेकर सोसायटी पहुंच रहे हैं तो समिति सेवक द्वारा पंजीयन होने की बात कहकर लौटा दिया जा रहा है।
कर्जपटाने की सता रही चिंता- पकरियाझूलन के किसान हरनारायण राठौर द्वारा कृषि कार्य के लिए जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से 15 मार्च 2014 को 25 हजार 141 रुपए का कृषि ऋण लिया गया था, लेकिन पंजीयन होने की बात कहकर किसान की धान नहीं खरीदी की जा रही है।
किसान को कृषि ऋण पटाने की चिंता सताने लगी है। गांव के अन्य किसानों द्वारा भी खेती के लिए ऋण लिया गया था, लेकिन उनकी धान की भी तौल एवं बिक्री नहीं होने से ऋण पटाने की समस्या खड़ी हो गई है।
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इस बार जिला प्रशासन ने सभी उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव समय से पहले करने की योजना बनाई है ताकि समितियों को प्रति वर्ष होने वाले नुक