मीनू का पालन नहीं
पोषण पुनर्वास केंद्र में फैला डायरिया
कुपोषण से मुक्ति के लिए किया है हॉस्पिटल में भर्ती, सेंटर के चार बच्चे डायरिया के चपेट में
जिलाअस्पताल में कुपोषित बच्चों के लिए एनआरसी (पोषण पुनर्वास केन्द्र) खोला गया है। यहां बच्चों को भर्ती कर कुपोषित से सुपोषित किया जाता है। केंद्र में बच्चों को पौष्टिक भोजन और सही देखभाल का दावा किया जाता है, लेकिन अभी जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती 4 बच्चे डायरिया के चपेट में गए है।
सूत्रों की मानें तो यहां डाइट के मीनू का पालन नहीं किया जा रहा है, जबकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि खाना का पचन नहीं होने या परिजनों द्वारा बाहर का कुछ खिला देने के कारण ऐसी स्थिति बनी है। पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती चांपा का कान्हा कश्यप (2 साल), जर्वे का अभिषेक यादव (1 साल), पंतोरा का मोहम्मद रज्जाक (2 साल) और डेढ़ साल की शालिनी देवंागन डायरिया के चपेट में है। इसमें शालिनी को छोड़कर बाकी को उपचार कर दवा देकर घर भेज दिया गया है। सोमवार को बच्चों को फिर बुलाया गया अौर तब उनको कीटाणु रहित करने के लिए ड्यूनीगेट किया जाएगा जिसमें अगर कुछ कीटाणु रहेंगे भी तो वे नष्ट हो जाएंगे। ज्ञात हो कि दिन और रात के तापमान में इन दिनों लगभग 19 डिग्री का अंतर है, जो सामान्य से 9 डिग्री ज्यादा है। तीखी धूप के कारण शनिवार को दिन का तापमान 32.6 डिग्री रहा। वहीं रात का तापमान 13.2 डिग्री रहा। दिन और रात के तापमान के इस बड़े अंतर का लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।
शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में भी वायरल फीवर के 100 से अधिक मरीज जांच करवाने पहुंचे। अन्य दिनों में यह आंकड़ा 50 से 60 के आसपास रहता है। बदलते मौसम में खानपान के प्रति खास ध्यान देने की जरूरत है।
डायरिया पीड़ित बच्चे को घर ले जाने तैयारी करते परिजन
^पोषण पुनर्वास केन्द्र के 4 बच्चे डायरिया की चपेट में आए गए थे। ड्रीप चढ़ाने के अलावा अन्य ट्रीटमेंट चल रहा है। सोमवार को बच्चों का ड्यूनीगेट किया जाएगा। जिसके बाद अगर थोड़ा बहुत कीटाणु रहेगा तो वह भी नष्ट हो जाएगा। डा.व्हीके अग्रवाल, सीएस
सेहत पर असर
मौसममें आए बदलाव का असर सेहत पर भी हो सकता है। दिन गर्म और रात की ठंडक सेहत बिगाड़ सकती है। सीएस डा. व्हीके अग्रवाल ने बताया इन दिनों खुले में रहने पर गर्माहट महसूस होती है। लेकिन कमरे या छाया में आने पर ठंडक का अहसास होता है। ऐसे में सर्दी, जुकाम, हाथ-पैर में दर्द, थकान जैसी परेशानी सामने सकती है। इससे बचने के लिए ठंडे से एकदम गर्म वातावरण और गर्म से एकदम ठंडक में जान से बचना चाहिए। इसके साथ ही खानपान पर भी ध्यान देने की जरूरत है।