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संस्थागत प्रसव में लापरवाही छह डॉक्टरों का रुकेगा वेतन

6 वर्ष पहले
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संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सरकार जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है इसके बाद भी जिले के छह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में परिणाम आशानुरूप नहीं हाेने के कारण वहां के डॉक्टर्स के वेतन रोकने के निर्देश कलेक्टर ने सीएमएचओ को दिए हैं। साथ ही संस्थागत प्रसव के लिए अच्छा काम करने वालों को मुख्यमंत्री के द्वारा पुरस्कृत भी किया जाएगा।

शनिवार को कलेक्टर ओपी चौधरी ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों विशेषकर संस्थागत प्रसव में प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा में उन्होंने पाया कि अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पिछले माह की तुलना में संस्थागत प्रसव की संख्या में सुधार हुआ है। उन्होंने इसके लिए सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी और संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्सक, एएनएम और स्टॉफ नर्स के रूके हुए वेतन का शीघ्र आहरण करने का निर्देश लेकिन कोटमीसोनार, पिरदा, सलखन, सरखों, मुलमुला और बरपालीकला प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में आशाजनक परिणाम नही मिलने के कारण वहां पदस्थ चिकित्सकों स्टॉफ का वेतन रोकने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए है। श्री चौधरी ने कहा कि जिन स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव की संख्या काफी बढ़ोत्तरी हुई है वहां पदस्थ पूरी टीम को जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित भी कराया जाएगा। कलेक्टर चौधरी ने कहा है कि जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए इसके साथ ही जिले में कहीं पर भी किसी प्रकार की मौसमी बीमारियों की सूचना मिलने पर तत्काल उस पर आवश्यक कार्रवाई करें। कलेक्टर ने कहा है कि स्वाईन फ्लू सहित अन्य मौसमी बीमारियों के संबंध में लोगों को आवश्यक जागरूक किया जाए और सावधानी बरतने के संबंध में समझाईश दी जाए वहीं किन्ही कोई मरीज मिलते है तो उन्हें उचित उपचार हेतु तत्काल जिला चिकित्सालय भेजा जाए।

स्वास्थ्य संचालक ने भी जताई थी नाराजगी

करीबसप्ताह भर पहले प्रदेश के स्वास्थ्य संचालक आर प्रसन्ना ने जिला अस्पताल सहित जिले के सीएचसी और पीएचसी का निरीक्षण किया था। उन्होंने जिला अस्पताल में संस्थागत प्रसव कम होने पर नाराजगी जताई थी।

बैठक में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी।