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अनूठी कहानी

6 वर्ष पहले
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लाइसेंस लेने में नहीं दिखा रहे रुचि

बगैर लाइसेंस खाद्य सामग्री बेचना होगा अवैध, पकड़े जाने पर जुर्माना सजा का प्रावधान

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्य पदार्थोंं की बिक्री करने वाले व्यवसायियों को फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बावजूद व्यवसायी लाइसेंस लेने आगे नहीं रहे हैं।

शासन ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य पदार्थो के विनिर्माता, संग्रहणकर्ता, वितरक, परिवहनकर्ता समेत विक्रयकर्ताओं के लिए फूड लाइसेंस (पंजीयन) अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत अब खाद्य पदार्थों के निर्माण से लेकर भंडारण, परिवहन और बिक्री तक लाइसेंस लेना जरूरी है। इसके लिए अंतिम तिथि 4 फरवरी भी घोषित की गई थी। लेकिन व्यवसायी लाइसेंस लेने में कोताही बरतते हुए आगे नहीं आए। अब तक कुल 250 व्यवसायियों ने रजिस्‍ट्रेशन के लिए आवेदन दिया है। इसके अलावा 30 व्यवसायियों ने लाइसेंस के लिया दिया है। जबकि जिले में खाद्य पदार्थों का व्यवसाय करने वाले लोगों की संख्या 40 हजार से अधिक है। इसमें से 8 से 9 सौ उपभोक्ता 12 लाख से सालाना टर्न ओवर वाले हैं। सालभर में 12 लाख से कम का कारोबार करने वाले व्यवसायियों को 100 रुपए का शुल्क अदा कर लाइसेंस लेना होगा। वही 12 लाख से अधिक का कारोबार करने वाले व्यवसायियों को 2 हजार रुपए के शुल्क के साथ सीधे खाद्य सुरक्षा विभाग से रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

कार्रवाई नहीं, बड़ा कारण

खाद्यपदार्थों के लिए लाइसेंस लेना लंबे समय से अनिवार्य है। लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने की वजह से बड़ी संख्या में व्यवसायियों ने लाइसेंस नहीं लिया है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश व्यवसायियों ने जहां इस अधिनियम से अंजान होने की वजह से लाइसेंस नहीं लिया है। वही कई ने टैक्स बचाने के इरादे से लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं किया है।

सजा का यह है प्रावधान

खाद्यसामग्रियों को बेचने के लिए फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य है। बिना इसके खाद्य सामग्री बेचना अवैध और कानूनन अपराध होगा। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जांच करने पर बगैर लाइसेंस पकड़े जाने वाले व्यवसायियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस अधिनियम में आरोपी को 1 लाख का अर्थदंड या 6 माह तक की सजा का प्रावधान है।

कड़ी कार्रवाई की जाएगी

^खाद्य पदार्थों का निर्माण, परिवहन, भंडारण और विक्रय करने वाले व्यापारियों को फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस व्यवसायिक दुकानों में खाद्य पदार्थ मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। \\\'\\\' राजेशकुमार भानू, खाद्य शाखा प्रभारी