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22 हजार आवेदन, 12 हजार का हुआ सत्यापन

7 वर्ष पहले
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जांजगीर|छत्तीसगढ़ सरकारद्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2014-15 में समर्थन मूल्य पर की जाने वाली धान खरीदी के लिए सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों के पंजीयन का कार्य एक सितंबर से प्रारंभ किया गया है। समितियों में यह पंजीयन का कार्य आगामी 30 सितम्बर तक किया जाएगा। पंजीयन का काम मंथर गति से चल रहा है। इसका कारण इसके लिए जरूरी दस्तावेज और मोबाइल नंबर की बाध्यता को माना जा रहा है।

कलेक्टर ओपी चौधरी ने कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में खाद्य, सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक लेकर किसानों के पंजीयन कार्य में तेजी लाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि एक सितंबर से अब तक जिले के 22 हजार 784 किसानों से आवेदन प्राप्त हुए है जिसमें से 12 हजार 313 किसानों का पटवारी द्वारा सत्यापन किया जा चुका है। कलेक्टर ने किसानों का निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन तथा उसमें लगने वाले दस्तावेजों के संबंध में ग्राम पंचायतों में आवश्यक मुनादी कराने के निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि इस बार आवेदन में किसानों के मोबाइल नंबर भी लिए जा रहे है ताकि खाद्य विभाग द्वारा उन्हें जरूरी सूचनाएं समय-समय पर एसएमएस के जरिए मुहैया कराई जा सके। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों में केवल पंजीकृत किसानों से ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाएगा। सभी किसान पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज के साथ सहकारी समितियों में अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से करा ले। इस समय-सीमा में पंजीयन नहीं करा पाने वाले किसान अपने संपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करने पर तहसील कार्यालयों में आगामी 15 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकेंगे, लेकिन 15 अक्टूबर के बाद किसी भी स्थिति में पंजीयन नहीं किया जाएगा।

अपंजीकृत किसानों से धान खरीदी नहीं की जाएगी

कलेक्टर ने बताया कि समितियों के उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी प्रारंभ होने के बाद किसी भी हालत में पंजीयन नहीं होगा और अपंजीकृत किसानों से धान खरीदी नहीं की जाएगी। आगामी खरीफ वर्ष 2014-15 के लिए मोटे धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1360 रुपए प्रति क्विंटल और पतले धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1400 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है।

भूमिस्वामी के पंजीयन के बाद ही रेगहा अधिया वाले का होगा पंजीयन

समिति स्तर पर केवल ऐसे किसानों का पंजीयन किया जाएगा जिन्होंने पिछले पांच सालों