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पांच साल में नगर को नहीं दे पाए इंटकवेल से पानी

7 वर्ष पहले
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वर्तमान परिषद का कार्यकाल अंतिम चरण में।

भास्करन्यूज|जांजगीर

नगरमें जल आपूर्ति व्यवस्थित करने के लिए हसदेव नदी में सवा चार करोड़ की लागत से इंटकवेल का निर्माण कराया गया था। आधे अधूरे कार्य आैर निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी के कारण योजना प्रारंभ होने के पहले ही फ्लॉप हो गई। चार माह चलने के बाद इंटकवेल में जो समस्या आई उसका समाधान चार साल बाद भी नहीं किया जा सका है। इस योजना से शहरवासियों को एक बूंद पानी नहीं मिल रहा है।

जिला मुख्यालय को पानी आपूर्ति करने के लिए जांजगीर से नौ किमी दूर चांपा के हसदेव नदी में इंटकवेल बनाया गया। नगर के 15 हजार घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पालिका द्वारा दो प्रकार से व्यवस्था की गई है। एक तो पालिका अपनी स्वयं के व्यवस्था से पंप हाउस संचालित करती है, कई स्थानों पर हैंड पंप खुदवाने और टेपनल की व्यवस्था का दावा किया जाता है। इसके अलावा इंटकवेल का भी निर्माण कराया गया। नदी से पानी लाने के लिए चांपा से लेकर जांजगीर तक पाइपलाइन बिछाई गई। फायर स्टेशन के पास 40 हजार लीटर क्षमता की टंकी भी बनाई गई। इन सभी कार्याे में करीब सवा करोड़ रुपए वर्ष 2007 में खर्च किए गए। 2011 में आनन फानन में पीएचई द्वारा इस आधी अधूरी योजना का लोकार्पण भी सीएम के द्वारा करा दिया गया। कुछ दिनों बाद पीएचई ने इसे संचालित किया। योजना में तकनीकी खामियां होने के कारण नगर पालिका ने हैंड ओवर लेने से इनकार कर दिया था। वर्ष 2011 में पालिका ने इस शर्तों पर हैंडओवर लिया कि मेंटनेंस पीएचई द्वारा किया जाएगा। महज ग्यारह माह बाद योजना पूरी तरह से ठप हो गई तब से अब तक सवा चार करोड़ की योजना से एक बूंद पानी लाने में नगर सरकार पूरी तरह से फेल है। इस योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत भी तत्कालीन नपाध्यक्ष ने की थी, जिसकी जांच भी विभाग के एसई ने की थी। ठेकेदार और तत्कालीन कार्यपालन अभियंता को दोषी भी ठहराया था।

अभी तक जांच ही चल रही

हालही में नगरीय निकाय मंत्री ने रायपुर में हुई मीटिंग में जल आवर्धन योजना की जानकारी ली है। उन्हें सीएमओ द्वारा स्थिति से अवगत कराया गया है। जांच पूर्व में विभाग के एसई ने की है, दो लोगों को दोषी ठहराया है। इस पर आज तक कार्रवाई नहीं हो पाई है।

, फिर से इस मामले की जानकारी मांगी जा रही है।

^जलावर्धन योजना की जानकारी विभागीय मंत्री ने मांगी है,