पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सरकारी अस्पताल में एंडोस्कोपी बर्न यूनिट

सरकारी अस्पताल में एंडोस्कोपी बर्न यूनिट

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिलेके किसी भी अस्पताल में एंडोस्कोपी की सुविधा नहीं होने के कारण जिले के पेट के बीमारी से संबंधित मरीजों आग से जलने की घटना होने पर इलाज के लिए बिलासपुर, रायपुर जैसे शहरों का चक्कर लगाना पड़ता है। इससे केवल पैसों का बोझ मरीजों पर पड़ रहा है बल्कि जांच और इलाज के दौरान समय भी अधिक लग रहा है।

सौ बिस्तरों वाला ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर जिला अस्पताल मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा देने में विफल साबित हो रहा है। कहने को तो सौ शैया अस्पताल है किंतु सुविधाएं शून्य है। सामान्य बीमारियों का ही यहां इलाज हो पाता गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है। कई प्रकार की बीमारियां पेट की खराबी से होती हैं। मौसम में लगातार हो रहे परिवर्तन एवं खान-पान में परहेज करने गंदे पानी के कारण प्रतिदिन पेट से संबंधित बीमारियों के मरीज हॉस्पिटल में भर्ती हो रहे हैं। ओपीडी में भी ऐसे मरीजों की लाइन लग रही है। जिला अस्पताल के जनरल वार्डों में भर्ती मरीजों ने बताया कि पेट दर्द की शिकायत होने पर वे भर्ती हैं। जिला अस्पताल में एंडोस्कोपी की सुविधा नहीं होने के कारण डॉक्टर अपने अनुभव प्रारंभिक जांच के बाद जरूरी दवाइयां लिख देते हैं। इन दवाइयों से फौरी तौर पर राहत तो मिल जाती है, लेकिन पेट के अंदर का समुचित इलाज इसलिए नहीं हो पाता क्योंकि यहां एंडोस्कोपी की सुविधा नहीं है। यह मशीन होने पर मरीजों के पेट की आंतरिक जांच भी हो जाती जिससे यह पता चलता कि वास्तव में मरीज को समस्या क्या है। जांच के लिए जब स्टाफ प्रबंधन से कहा जाता है तो केवल आश्वासन देकर चले जाते हैं। जिला अस्पताल में एंडोस्कोपी जांच की सुविधा नहीं होने से मरीजों को प्राइवेट अस्पताल का सहारा लेना पड़ रहा है। खास कर कमजोर ग्रामीण अंचलों से आने वाले गरीब मरीजों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। वे यहां उम्मीद के साथ पहुंचते हैं, लेकिन सुविधा के अभाव में समुचित इलाज नहीं होने से निराश होना पड़ता है।

^एंडोस्कोपी मशीन के लिए शासन के पास प्रस्ताव पहले ही भेजा गया है, जो लंबित है। बर्न यूनिट के लिए एक बार फिर कलेक्टर के माध्यम से प्रमुख सचिव को पत्र व्यवहार किया गया है। डॉ.आरएल धृतलहरे, सीएमएचओजांजगीर

प्राइवेट अस्पताल में भी नहीं व्यवस्था - जिलेमें कई बड़े निजी अस्पताल भी चल रहे हैं, इन अस्पतालों में कई अच्छी सुवि