पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • बैरिस्टर छेदीलाल ने सभी क्षेत्रों में दिया अविस्मरणीय योगदान

बैरिस्टर छेदीलाल ने सभी क्षेत्रों में दिया अविस्मरणीय योगदान

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कचहरीचौक स्थित जय स्तंभ परिसर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संविधान निर्मात्री सभा के पूर्णकालिक सदस्य बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल की 58 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय स्मृति समारोह का शुभारंभ 18 सितंबर को हुआ। जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले के मुख्य आतिथ्य में उद्घाटन समारोह हुआ। सांसद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा है कि बैरिस्टर साहब बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। उनकी इस बहुआयामी प्रतिभा का लाभ केवल क्षेत्र, प्रदेश बल्कि पूरे देशवासियों को मिला है। उनके कार्यों से देश के नक्शे में जांजगीर-चांपा जिले को एक विशेष पहचान मिली है। बैरिस्टर साहब श्रेष्ठ वक्ता, किसानों के हितैशी, लोक संस्कृति के संरक्षक और विधि विशेषज्ञ के रूप में हमेशा जाने जाते रहेंगे।

श्रीमती पाटले ने कहा कि ने बैरिस्टर साहब की स्मृति को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए जिला मुख्यालय के जयस्तंभ परिसर में उनकी प्रतिमा भी स्थापित की गई है। इससे आने वाले समय में भी उनके जीवन चरित्र से लोगों को अच्छे कार्य की प्रेरणा मिलेगी। सांसद ने कहा कि बैरिस्टर साहब असाधारण व्यक्तित्व के धनी थे। लोक कला के प्रति उनमें जो समर्पण भाव था उससे स्थानीय कलाकारों को राज्य से बाहर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिला। जिससे छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को देश और विदेश में विशेष पहचान मिली। हम सभी को बैरिस्टर साहब के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पद्मश्री डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय ने इस अवसर पर बैरिस्टर साहब के स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान को याद किया। बैरिस्टर छेदीलाल की पुत्री श्रीमती र|ावली सिंह ने अपने पिता के जीवन से जुड़े बहुत से अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला। समारोह को अकलतरा विधायक चुन्नीलाल साहू, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सूरज व्यास कश्यप, नगर पालिका जांजगीर-नैला के अध्यक्ष रमेश पैगवार ने भी संबोधित किया। कलेक्टर ओपी चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिलेवासियों के लिए यह गौरव सम्मान की बात है कि बैरिस्टर साहब का जन्म यहां की माटी में हुआ। उन्होंने सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, विधिक तथा कृषि सहित अनेक क्षेत्रों में जो योगदान दिया है वह अतुलनीय है। हम सभी को उनके बताएं रास्तों पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रृद्धांजलि होगी। इस मौके पर पुल