- Hindi News
- अध्यक्ष और पार्षद के लिए एक ही मशीन से होगी वोटिंग
अध्यक्ष और पार्षद के लिए एक ही मशीन से होगी वोटिंग
नगरीय निकाय चुनाव में पहली बार इवीएम से मतदान।
भास्करन्यूज|जांजगीर
नगरीयनिकाय चुनाव में पहली बार इवीएम से मतदान होगा। पिछले चुनाव तक मतदाताओं को वोट डालने के लिए अभ्यर्थियों के चुनाव चिन्ह वाला बैलेट पेपर दिया जाता था। जिसमें वोटर को मुहर लगानी होती थी। इस बार नगर पालिका के बूथों में वोटर पहली बार इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (इवीएम) से वोट डालेंगे। इसके लिए बैलेट यूनिट मंगाई गई गई है। अध्यक्ष और पार्षद के लिए एक ही मशीन से वोटिंग होगी।
इवीएम में नई व्यवस्था की गई है, जिसके कारण लोगों को जानकारी देना जरूरी हो गया है। नगरीय निकाय चुनाव के मतदाताओं को इवीएम से मतदान की प्रक्रिया की जानकारी देने चौक-चौराहों, बस स्टैंड, वार्डों में इवीएम का प्रदर्शन किया जाएगा। एक प्रशिक्षित कर्मचारी द्वारा मतदाताओं को इवीएम से मतदान की जानकारी दी जाएगी और उनकी शंकाओं का समाधान किया जाएगा। वार्डाें में प्रदर्शन शुरू हो चुका है। चारों नगरपालिका और 11 नगर पंचायतों के वार्डों में इवीएम का प्रदर्शन 8 दिसंबर से किया जा रहा है। पहले दिन सभी नगर पालिका के वार्ड क्र. 1, 2, 17 18 में और नपं के वार्ड क्र.1 2 में मतदाताओं को इवीएम की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। वार्ड स्तर पर 15 तक मशीन का प्रदर्शन कर मतदाताओं को वोटिंग का तरीका बताया जाएगा।- शेषपेज 16 पर
एकही मशीन से अध्यक्ष और पार्षद दोनों का चुनाव करना होगा। मशीन में सबसे पहले अध्यक्ष का पदनाम लिखा होगा। इसके बाद अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के क्रम से होंगे। लास्ट में नोटा का बटन होगा। इसके बाद पार्षद पदनाम लिखा होगा और उसके बाद प्रत्याशियों के नाम और इसके लिए नोटा बटन होगा। आखिरी में एंड का लाल बटन दिया जाएगा। इसे दबाने के बाद प्रक्रिया पूरी होगी। दोनों पदों के प्रत्याशियों की संख्या 11 से अधिक हुई तो दूसरी मशीन लगेगी।
खर्च की सीमा तीन लाख
जनसंख्या के आधार पर प्रत्याशियों के लिए खर्च की सीमा तय की गई है। जिले के किसी भी नपा क्षेत्र की जनसंख्या 50 हजार से अधिक नहीं है, इस लिहाज से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी 3 लाख रुपए तक खर्च सकेंगे। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशियों के लिए खर्च की सीमा 2 लाख रुपए रखी गई है।
फोटो 9 जेएएन 7:
अमानत राशि में महिला को छूट
सामान्यवर्ग के प्रत्याशी के लिए अलग-अलग निकायों के हिसाब से पूरी अमानत राशि