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अध्यक्ष, सीईओ के खिलाफ जनपद सदस्य करेंगे अनशन

5 वर्ष पहले
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जनपद सदस्य हो गए लामबंद। कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

जनपद पंचायत नवागढ के अध्यक्ष व सीईओ पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जनपद सदस्य लामबंद हो गए हैं। जनपद सदस्यों ने शुक्रवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पांच सूत्रीय मांगों को पूरा कराने 17 से अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।

कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में जनपद सदस्यों ने बताया कि जनपद पंचायत नवागढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरएस नायक व जनपद पंचायत अध्यक्ष पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह मनमानी ढंग से कार्य कर रहे हैं। जनपद पंचायत नवागढ़ में जनपद सशक्तिकरण का एक करोड़ रुपए को मनमानी ढंग से वितरण कर दिया गया, जिसमें विपक्षी सदस्यों को जनपद सशक्तिकरण की राशि नहीं दिया गया। इसी तरह इंदिरा आवास को मनमानी ढंग से वितरण कर दिया गया है।

अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति का आरक्षण को घटाकर अन्य पिछड़ा वर्ग व सामान्य का चयन किया गया। इसी तरह हर विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है।

इस संबंध में कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ कई बार ज्ञापन सौंपने के बाद भी भ्रष्ट अधिकारियों के ऊपर आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही है। विपक्षी आठ जनपद सदस्यों का कहना है कि 13 फरवरी तक इनके ऊपर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति 17 से जनपद सदस्यों द्वारा आमरण अनशन जनपद पंचायत कार्यालय के सामने किया जाएगा। जनपद सदस्य सविता नट, भूरी बाई, गौरी बाई कश्यप, रमशीला दिवाकर, चंद्रकला कश्यप, देवचरण कश्यप ने इस संबंध में हस्ताक्षयुक्त ज्ञापन सौंपा है।

यह है आरोप-नप्रतिनिधि कोई भी कार्य अपने क्षेत्र नहीं करा पा रह हैं, वहीं एक दलाल द्वारा अधिकारियों से सांठगांठ कर मनमानी ढंग से कार्य करा लिया जा रहा है। सरकार द्वारा आरक्षण निर्धारित किया गया है लेकिन उस आरक्षण को जनपद अधिकारी द्वारा बदलकर दूसरे व्यक्ति का चयन कर लिया गया है। किसी भी ब्लाक में पंचायत का निरीक्षण व विकास करने के लिए जनपद सदस्यों का चुनाव किया जाता है लेकिन जनपद सदस्य के अनुशंसा बिना यहां कार्य कर लेते हैं। राज्य के हर ब्लाक के अधिकारी व कर्मचारी का स्थानांतरण 3 से 5 वर्ष में हो जाता है।

नवागढ़ में कई अधिकारी 20 से 25 वर्षों तक जमे हुए हैं। इसी वजह से यहां कार्यों में भ्रष्टाचार हो रहा है। जनपद पंचायत में स्थाई समिति का गठन किया गया है जिसमें शामिल सदस्यों को शासन द्वारा स्वीकृत राशि व आय व्यय की जानकारी नहीं दी जा रही है। इस तरह की अन्य गड़बड़ियां हुई।

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