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लड़की को बंधक बनाने वाले दो लोग गिरफ्तार

5 वर्ष पहले
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हो रहा पलायन, बन रहे बंधक
भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

एडवांस लेकर पैसा नहीं देने पर भट्‌ठा मालिक ने एक मजदूर की बेटी को बंधक बना लिया था। उस लड़की को छुड़ाने के लिए मजदूर के चचेरे भाई ने भट्‌ठा मालिक को दस हजार देने का दावा किया। जब मजदूर अपनी बेटी को लेने पहुंचा तो उसके चाचा ने दस हजार रुपए देने के बाद ही लड़की को वापस करने की बात कही। पुलिस ने विवेचना के बाद इंट भट्‌ठा संचालक व मजदूर के चाचा व चचेरे भाई के खिलाफ बंधक बनाने का अपराध दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार किरकार किरारी निवासी परसराम सतनामी दशहरा के बाद कमाने खाने जिला रायगढ़ के नाचनपाली निवासी जोंगेंद्र सतनामी के साथ राऊरकेरा चला गया। वहां दीपक के ईंट भट्‌ठा में काम करने लगा।

वहां काम ठीक नहीं चलने के कारण कुछ दिनों तक काम करने के बाद वह अपनी प|ी और दो बच्चों के साथ वापस लौट आया इस दौरान उसकी एक बेटी ज्योति वहीं छूट गई। उसका आरोप है दीपक उसकी बेटी को अपने साथ ले गया। परसराम ने जब उसे फोन कर रिपोर्ट करने की धमकी दी तो दीपक ने ज्योति को बघौद निवासी परसराम के चचेरे भाई जितेंद्र सतनामी के पास छोड़ दिया। जितेंद्र बाद में ज्योति को लेकर अपने गांव बघौद आया और अपने पिता श्यामलाल को बताया कि परसराम की बेटी को वह 10 हजार रुपए देकर ईंट भट्‌ठा से छ़ुड़ाया है, जब इसके पिता आए तो दस हजार रुपए लेकर लड़की को दे देना। इसके बाद परसराम के रिश्तेदार ज्योति को लेने बघौद पहुंचे तो जितेंद्र के पिता ने उन लोगों से दस हजार रुपए की मांग की। लड़की को बंधक बनाने की शिकायत एसपी के पास पहुंची इसके बाद डभरा पुलिस ने लड़की को श्याम लाल के घर से बरामद कर उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने ईंट भट्‌ठा संचालक दीपक, जितेंद्र सतनामी और श्यामलाल के खिलाफ धारा 370 (4) के तहत अपराध दर्ज कर पिता पुत्र देानेां को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी दीपक अभी पुलिस की पकड़ से दूर है।

चांपा रेलवे स्टेशन में मजदूरों से जानकारी लेते लेबर इंस्पेक्टर

नहीं हो रहा पंजीयन- पलायन करने वाले मजदूरों की जानकारी भी जिले में नहीं है। बाहर जाने वाले मजदूरों का पंजीयन ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में अनिवार्य रूप से होना चाहिए। पंचायतों से मिली जानकारी जनपद पंचायत के द्वारा जिला पंचायत में देने का प्रावधान है, ताकि इस बात की जानकारी रहे कि किस क्षेत्र से कितने मजदूरों ने पलायन किया।



लेकिन इस गंभीर मुद्दे को लेकर कोई भी अमला गंभीर नहीं है। जिला पंचायत में पलायन करने वाले मजदूरों की कोई जानकारी नहीं है, इससे स्प्ष्ट है कि नीचले स्तर पर मजदूरों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा रहा है।

एक भी रजिस्टर्ड लेबर ठेकेदार नहीं- बड़ी संख्या से मजदूर हर साल जिले से पलायन करते हैं, जिले के ही लोग काम दिलाने के लिए मजदूर लेकर जाते हैं, लेकिन आश्चर्य की बात है कि प्रति वर्ष बंधक बनाने जैसी घटनाएं होने के बाद भी सरदार लोग श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं। जांजगीर-चांपा जिला में एक भी पंजीकृत लेबर ठेकेदार नहीं है।

मजदूरों के पलायन की सूचना पर स्टेशन पहुंचे थे। मजदूरों के पास गाजियाबाद का रिजर्वेशन था और बिलासपुर की भी टिकट रखे थे। समझाइश पर वे नहीं माने। तीन लोगों का नाम सामने आया है, सबको नोटिस दी गई है। जिले में एक भी रजिस्टर्ड लेबर ठेकेदार नहीं है। राजेश आदिले, श्रम पदाधिकारी जांजगीर

जिले की किसी भी जपं से पलायन करने वाले मजदूरों की जानकारी नहीं आई है। मजदूरों को काम दिलाने प्रयास किया जा रहा है। मनरेगा ही पलायन का कारण नहीं है, लोग स्वेच्छा से कमाने खाने बाहर जाते हैं। पलायन का डाटा रखने पंचायतों को निर्देश दिया जाएगा। विजयेंद्र सिंह, एपीओ जिपं जांजगीर

पलायन के लिए अपना रहे नए-नए तरीके
मजदूरों को बाहर ले जाने वाले सरदार बहुत होशियार हो गए हैं, वे किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचने के लिए पूरी तरह न केवल सतर्क रहते हैं, बल्कि नए तरीके भी अपनाते हैं। पिछली बार जनवरी माह में श्रम अधिकारियों को चकमा देने के लिए एक स्थान से ट्रेन में सवार होने के बजाय सक्ती, बाराद्वार व खरसिया से रवाना हुए थे। शुक्रवार को भी चकमा देने के लिए ठेकेदार ने सभी मजदूरों का गाजियाबाद (उप्र) के लिए रिजर्वेशन तो कराया ही था, सबके लिए बिलासपुर तक अलग टिकट ली गई थी। अधिकारियों द्वारा पूछने पर पुरूष बिलासपुर अपने रिश्तेदारों के घर जाने की बात कह रहे थे लेकिन महिलाओं ने पुरूषों की पोल खोल दी। महिलाआंे ने कुछ बोलने के बजाय टिकट दिखा दी तब श्रम पदािधकारी को उनके पलायन करने की आशंका की पुष्टि हो गई। बाद में रवि कुमार साहू ने बताया कि जैजैपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सेंदुरस निवासी छोटे त्रिलोक व बड़े त्रिलोक तथा अकलसरा के मालिक राम के द्वारा मजदूरों को ले जाया जा रहा है। तीनों सरदार मौके पर नहीं थे। लेबर ऑफिसर ने तीनाें ठेकेदारों को नोटिस दिया है।

मालखरौदा क्षेत्र से डेढ़ सौ मजदूर कर गए पलायन
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