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कर्मचारी लंबे समय से अटैच हैं कृषि विभाग में
आदेश के बाद भी नहीं हटाए जा रहे खास लोग, ब्लाकों में काम हो रहा प्रभावित।
भास्करन्यूज|जांजगीर
किसीभी सरकारी कार्यालय में अधिनस्थ कर्मचारियों को संलग्न नहीं करने का फरमान होने के बाद भी कृषि विभाग में ब्लॉक के कर्मचारियों को संलग्न कर दिया गया है। कई कर्मचारी तो अपने मूल पदस्थापना स्थल को छोड़कर महीनों से जिला मुख्यालय में जमे हैं। कर्मचारियों के संलग्न होने से ब्लाॅकों का काम प्रभावित हो रहा है।
कृषि विभाग के जांजगीर के दफ्तर में आधा दर्जन से ज्यादा कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी पदस्थापना डभरा, बम्हनीडीह, सक्ती, नवागढ़ सहित अन्य ब्लॉक मुख्यालयों में है, लेकिन अपने एप्रोच अधिकारी से निकटता के बल पर उन्होंने खुद को जिला मुख्यालय में संलग्न करवा लिया है। ऐसे कर्मचारियों ने जांजगीर जिला मुख्यालय को ही हेडक्वार्टर बना लिया है। ऐसा नहीं है कि डीडीए दफ्तर में कर्मचारियों की कमी है, पर्याप्त कर्मचारी होने के बाद भी ब्लॉक के कर्मचारियों को अटैच करने से पूर्व में यहां पदस्थ कर्मचारियों को काम करने सामंजस्य बनाने में भी दिक्कतें हो रही है, इससे दफ्तर का काम प्रभावित भी हो रहा है। सूत्रों के अनुसार अटैच डीडीए के चहेते लोग अनावश्यक दखल भी देते रहते हैं। यहां डीडीए द्वारा जिन कर्मचारियों को संलग्न किया गया है उनमें विमल कंवर डभरा, हरपाल सिंह बम्हनीडीह, सरोज पुरेना डभरा, देवी बैष्णव बम्हनीडीह, डीएल राठौर नवागढ़, गीता देवांगन डभरा एक प्यून सिदार शामिल है। इन सभी कर्मचारियों की पदस्थापना संबंधित ब्लॉक के एसडीओ दफ्तर में है।
पांच साल से अटैच है एक कर्मचारी
डीडीएदफ्तर में एक कर्मचारी आरएल पटेल तो पिछले पांच सालों से संलग्न हैं। उनकी मूल पदस्थापना कृष विभाग के सक्ती एसडीओ में है, लेकिन वे यहां जमे हुए हैं। पिछले पांच वर्षों में तीन डीडीए बदल गए लेकिन अभी तक किसी ने पटेल को हटाकर उनकी मूल पदस्थापना के लिए रिलिव नहीं किया। मुख्य बात यह भी है कि कर्मचारी डीडीए दफ्तर के होते तो सबका वेतन आहरण जांजगीर से हाेता लेकिन यहां अटैच श्री पटेल सहित सभी कर्मचारियों की तनख्वाह उनके मूल पदस्थापना स्थल से ही निकलती है।
साहबबैठ के काम नहीं करेंगे इसलिए किया है अटैच
सीधी बात| एलएम भगत, डीडीए
सवाल-आपकेदफ्तरमें ब्लॉक के कर्मचारी अटैच क्यों हैं?
जवाब-कहांअटैच हैं, कहां हैं?
सवाल-यानिआपकीजानकारी में नहीं है?
जवाब-है,पहले से अटैच हैं, कर्मचारी कम हैं इसलिए अभी भी काम कर रहे हैं।
सवाल-सबकोडिटैचकरने के आदेश के बाद भी संलग्नीकरण किया जा रहा है क्यों?
जवाब-मैंथोड़ी बैठ कर काम करूंगा, 3 आरईओ हैं, 20- 25 स्कीम है। काम तो कराना पड़ेगा।