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जिले की परीक्षा व्यवस्था को किया जाएगा प्रदेश में लागू: राव
चांपाजिले में बोर्ड परीक्षा के लिए की गई व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था से केंद्रों में परीक्षा के दौरान होने वाली गड़बड़ी पर रोक लगेगी। जिले में यह व्यवस्था की गई है कि हर केन्द्र में एक पर्यवेक्षक के अलावा निर्वाचन की तर्ज पर एक-एक प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को भी मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के अध्यक्ष केडीपी राव ने मंगलवार को जब कलेक्टोरेट में परीक्षा के तैयारियों की समीक्षा की तो इस व्यवस्था की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन की तर्ज पर प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को भी मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त करने की व्यवस्था बहुत सी सराहनीय है और वे इसेे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू करने के लिए सभी कलेक्टरों को आज ही पत्र भेजेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सहित मण्डल की यह मंशा है कि प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं का संचालन शांतिपूर्ण, निर्विध्न और निष्पक्ष तरीके से हो। इसी उद्देश्य से वो सभी जिलों में जाकर परीक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। जांजगीर-चांपा जिला परीक्षा के मामले में पूर्व से ही एक संवेदनशील जिला रहा है यहां पिछले कुछ सालों से की गई व्यवस्था से परीक्षा संचालन में काफी सुधार आया है। इस साल कलेक्टर ओपी चौधरी द्वारा मॉनिटरिंग की जो व्यवस्था बनाई गई है उसे वो पूरे प्रदेश में भी लागू करवाएंगे ताकि बेहतर तरीके से परीक्षा का संचालन हो सके। श्री राव ने कहा कि मण्डल द्वारा इस बार सभी जिलों के कुछ परीक्षा केन्द्रों के कुछ कमरों में वेबकास्टिंग के तहत कैमरे लगाए जाएंगे जिससे सीधे मण्डल स्तर पर भी निगरानी हो सकेगी।
उन्होंने जिले में परीक्षा केन्द्रों में बिजली, पानी, फर्नीचर, साफ-सफाई, बैठक-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा यदि परीक्षा केन्द्र दूर हो तो परिक्षार्थियों के आने-जाने के लिए जिला स्तर पर आवश्यक वाहनों की व्यवस्था भी की जाए। तैयारियों के संबंध में कलेक्टर ओपी चौधरी ने बताया कि जिले में वर्ष 2009 में जब वे यहां जिला पंचायत सीईओ थे तब परीक्षाओं की मॉनिटरिंग -शेष|पेज14
कीजो व्यवस्था की गई थी उसी के अनुसार इस साल भी जिले में सभी परीक्षा केन्द्रों में पर्यवेक्षकों के अलावा एक-एक प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के नेतृत्व में उड़नदस्ता दल, अतिरिक्त फ्लाईंग स्क्वाड टीमों का गठन, जिला, अनुभाग तहसील स्तर पर परीक्षा नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई जिससे पूरी परीक्षा के दौरान सतत समन्वय, संचार और निगरानी की जा सके। एसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि सभी परीक्षा केन्द्रोें में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस जवान तैनात रहेंगे इसके अलावा थानों स्तर पर भी मोबाईल टीमें तैनात रहेंगी। बैठक में परीक्षा से संबंधित सभी पर्यवेक्षक, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जोनल अधिकारी, बीईओ और केन्द्राध्यक्ष उपस्थित थे।
जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए 89 परीक्षा केंद्र
जिलेमें बोर्ड परीक्षा के लिए 89 केन्द्र बनाए गए हैं। हाई स्कूल की परीक्षा में 33 हजार 489 और हायर सेकंडरी की परीक्षा में 20 हजार 408 परीक्षार्थी शामिल होंगे। भले ही प्रशासन नकल को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या घटा रहा है, लेकिन आश्चर्य जनक बात यह है कि संवेदनशील अतिसंवेदनशील केंद्रों को कम नहीं हो रहे है। जिले के 12 परीक्षा केंद्रों को माशिमं ने अतिसंवेदनशील तो 17 को संवेदनशील केंद्रों की सूची में शामिल किया है।
समीक्षा बैठक के दौरान तैयारी का जायजा लेते माशिमं अध्यक्ष केडीपी राव।
धूल रहा कलंक का दाग
वर्ष2008 में हायर सेकंडरी हाई स्कूल की परीक्षा में हुए सामूहिक नकल प्रकरण फर्जीवाड़े ने एक प्रकार से जिले के शैक्षणिक स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पोराबाई प्रकरण के बाद अगल वर्ष 2009 में परीक्षा में भर्राशाही को रोकने के लिए तत्कालीन कलेक्टर जिला पंचायत के सीईओ ने सक्रियता दिखाई और उनके प्रयास से नकल माफियाओं की कमर टूट गई। ग्रामीण क्षेत्रों में थोक के भाव में खुलने वाले केंद्र बंद कर ब्लाक स्तर पर ही परीक्षा केंद्र बनाए गए जिससे नकल पर रोक लगी। इसके बाद से लगातार नकल रोकने जिला प्रशासन माशिमं की सख्ती जारी है। इसी का परिणाम है कि अब नकल प्रकरण भी कम बन रहे हैं क्योंकि अब दूसरे जिलों से नकल के भरोसे पास होने वाले यहां एडमिशन नहीं ले रहे हैं।
समीक्षा बैठक