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मौसम ने बढ़ा दी बीमारी, मरीजों से भरे जिला अस्पताल के वार्ड
पल-पल बदल रहे मौसम से बढ़ी मरीजों जी संख्या
भास्करन्यूज | जांजगीर
मौसमका मिजाज इन दिनों पल- पल में बदल रहा है। फरवरी में आमतौर पर मौसम का मिजाज बदल ही जाता है लेकिन इस बार एक दिन में ही मौसम के कई रंग दिख रहे हैं। जिसका लोगों के सेहत पर विपरीत असर पड़ रहा है। इस बदलते मौसम में दिन में जहां कड़ी धूप चुभ रही है तो दोपहर बाद बदली छा रही है। रात में ठंडी हवा का असर रहता है। दिन और रात के तापमान में इन दिनों लगभग काफी अंतर देखा जा रहा है। मंगलवार को दिन का तापमान 31.6 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 15 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह 9 बजे तक ठंड लग रही थी। इसके बाद दोपहर 2 बजे तक धूप चुभ रही थी। इसके बाद बदली छा गई जिससे गर्मी के तेवर नरम हुए। ऐसा हाल पिछले दो दिनों से है। इस तरह मौसम के पल- पल बदलते मिजाज के हिसाब से लोग अपने शरीर को नहीं ढाल पा रहे हैं जिसका सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में वायरल फीवर के 50 से अधिक मरीज जांच करवाने पहुंचे। अन्य दिनों में यह आंकड़ा 20-30 के आसपास रहता है। इसके अलावा वार्ड में भी मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या ज्यादा है। सामने वाला दोनो वार्ड मौसमी बीमारी के मरीजों से भरा पड़ा है।
कहीं-कहीं हो सकती है बूंदाबांदी
मौसमविभाग रायपुर के अनुसार उत्तर भारत से पश्चिमी विक्षोभ गुजरने के कारण जम्मू कश्मीर में कई जगह बर्फ पड़ी है, जिसके प्रभाव से उत्तर से रही ठंडी हवाओं के कारण रात का तापमान गिर रहा है। दिन के समय बंगाल की खाड़ी से आने वाली गर्म और नमीयुक्त हवाओं के कारण तापमान बढ़ रहा है। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से मंगलवार को भी बादल छाए रहे। बुधवार से दो दिन मौसम सामान्य रहेगा। उसके बाद 13 14 फरवरी को बूंदाबांदी होने की संभावना भी बन सकती है। मौसम परिवर्तन से लोगों के सेहत पर प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए सेहत पर पूरा ध्यान रखना होगा।
सेहत पर असर, रखिए ख्याल
मौसममें आए बदलाव का असर सेहत पर भी हो सकता है। दिन गर्म और रात की ठंडक सेहत बिगाड़ सकती है। सीएस डा. व्हीके अग्रवाल ने बताया खुले मौसम में गर्मा हट रहती है। लेकिन कमरे या छाया में आने पर ठंडक का अहसास होता है। ऐसे में सर्दी, जुकाम, हाथ-पैर में दर्द, थकान जैसी परेशानी सामने सकती है। इससे बचने के लिए ठंडे से एकदम गर्म वातावरण और गर्म से एकदम ठंडक में जान से बचना चाहिए। मच्छर भी बढ़ जाते है, इसलिए वायरल फीवर और मलेरिया से भी बचने के लिए एहतियात की जरूरत है।
अस्पताल में भर्ती मरीज उनके परिजन।