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वादे पूरे नहीं करने पर नहीं मिलेगी कालोनी बनाने की अनुमति
निर्माणाधीन कॉलोनियों का किया जा रहा निरीक्षण, अवैध प्लॉट काटने वालों की भी ली जाएगी खबर।
भास्करन्यूज|जांजगीर
कॉलोनीबनाने के नाम पर ग्राहकों से किए गए वायदे पूरे नहीं करने वाले कॉलोनाइजरों को पालिका के पास रिजर्व रखी गई जमीन तब तक वापस नहीं मिलेगी, जब तक उन्होंने अपने वादे के अनुसार सड़क, पानी, बिजली, नाली, गॉर्डन का काम पूरा कर लिया हो। सीएमओ ने एक कॉलोनाइजर द्वारा गॉर्डन नहीं बनाने के कारण अनुमति देने से मना कर दिया है।
जिला मुख्यालय में नगरपालिका में रजिस्टर्ड पांच कॉलोनाइजर द्वारा विभिन्न स्थानों में आवासीय काॅलोनी का निर्माण कराया जा रहा है। कम समय में बिना किसी परेशानी के सर्वसुविधायुक्त घर मिल जाए इसके लिए लोग पैसा खर्च करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। नगर में किसी भी कॉलोनी में बीस लाख से कम का आवास मिलना कठिन है। इन कॉलोनियों में रोड, नाली से लेकर बिजली, गार्डन तक की व्यवस्था करना कॉलोनाइजर की जिम्मेदारी है। कॉलोनाइजर आवास की बुकिंग करते समय तो कॉलोनाइजर एक्ट के तहत सभी कार्य पूरा करके देने का वादा करते हैं, लेकिन इन वादों पर अमल नहीं करते। वादोें पर अमल नहीं करना कॉलोनाइजर एक्ट का उल्लंघन है। हालांकि वादे पूरे नहीं करने पर खामियाजा भी उन्हें ही भुगतना पड़ता है। इन वादों को पूरा करने के लिए पालिका के पास कॉलोनाइजर को प्रस्तावित कॉलोनी के कुल एरिया का 15 प्रतिशत एरिया पालिका के पास बंधक बनाकर रखना पड़ता है। यह जमीन उन्हें तब वापस मिलती है जब सभी वादे पूरे हों। नपा सीएमओ ने पिछले दिनों तीन कॉलोनियों का निरीक्षण कर लोगों को दी जा रही सुविधा का निरीक्षण किया। एक कॉलोनी दीप्ति विहार में अन्य व्यवस्थाएं तो है पर कॉलोनी में गाॅर्डन नहीं होने के कारण उन्होंने बंधक जमीन को रिलीज करने के लिए लगाए गए आवेदन को अमान्य कर दिया। कॉलोनाइजर काे गॉर्डन बनाने के लिए निर्देशित किया। इसी प्रकार नैला रोड स्थित वीआईपी िसटी कॉलोनी में रोड सही नहीं होने पर आपत्ति जताई कार्य दुरूस्त करने कहा।
ईडब्ल्यूएस के लिए 15
प्रतिशत जमीन जरूरी
कॉलोनाइजरएक्ट में प्रावधान है कि कॉलोनाइजर को प्रस्तावित एरिया का 15 प्रतिशत जमीन ऐसे लोग जो आवासहीन हैं या गरीबों के लिए सुरक्षित रखना है। इसी सुरक्षित 15 प्रतिशत जमीन में से सरकार आवासहीन, भूमिहीन जरूरतमंद गरीबों को पांच पांच सौ फीट जमीन