जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए बने 14 नए केंद्र
भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा
बोर्ड परीक्षा दो सप्ताह बाद शुरू होगी। इस बार जिले में इसके लिए 14 नए केंद्र बनाए गए हैं। स्कूलों की दूरी और बैठक क्षमता को देखते हुए केंद्र बढ़ाए गए हैं। सीमित केंद्र होने से परीक्षार्थियों को दूर- दूर के गांव से परीक्षा दिलाने जाना पड़ता था। पिछले साल 88 केंद्रों में परीक्षा ली गई। इनमें कई केंद्र ऐसे थे जहां 15 से 20 किमी की दूरी तय कर बच्चे परीक्षा देने जाते थे। इस परेशानी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने केंद्र बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा जिसे माशिमं ने मंजूर किया है।
इस साल 102 केन्द्रों में परीक्षा होगी। इनमें जांजगीर-चांपा शैक्षणिक जिले में 62 अौर सक्ती में 40 केन्द्र हैं। बोर्ड परीक्षा 23 फरवरी से शुरू होगी। हाईस्कूल तथा हायर सेकंडरी परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक निर्धारित किया गया है। जांजगीर-चांपा शैक्षणिक जिले में हाईस्कूल परीक्षा में 22 हजार 527, हायर सेकंडरी में और 12 हजार 461 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। इसी तरह सक्ती शैक्षणिक जिला अंतर्गत 14 हजार 42 छात्र हाई स्कूल में और 8 हजार 570 विद्यार्थी हायर सेकंडरी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षा की तैयारी के संबंध में कलेक्टर ओपी चौधरी ने कलेक्टोरेट में जांजगीर-चांपा और सक्ती जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर परीक्षा केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों की संख्या के अनुसार फर्नीचर, विद्युत, पेयजल, शौचालय व अन्य आधारभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था करने के साथ ही बोर्ड परीक्षा में नकल को रोकने के लिए कड़े प्रबंध करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने कहा है कि किसी भी परीक्षा केन्द्र में नकल कराने की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित केंद्राध्यक्षों तथा पर्यवेक्षकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नकल प्रकरण रोकने और परीक्षा केंद्रों के आकस्मिक निरीक्षण के लिए जिले में निरीक्षण दलों का गठन किया जा रहा है।
परीक्षा की तैयारी
के लिए ये जरूरी
परीक्षा के नाम से ही डर लगता है, लेकिन कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर बेहतर तैयारी की जा सकती है। अब परीक्षा के लिए पखवाड़ेभर से कम समय बचा है। ऐेसे में छात्र पढ़ाई के लिए कांसन्ट्रेट करें। उन्हें अभी टीवी, मोबाइल और अन्य चीजों से दूरी बना लेनी चाहिए। इसके लिए छात्रों को विशेष ध्यान देना चाहिए। पैरेंट्स को भी इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
इसके साथ ही खानपान पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
लिखकर रिविजन करना शुरू कर दें, इससे जो चीजें पहले पढ़ी गई है, वह रि-कॉल हो जाती है।