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अभियान छेड़कर भूल जाते हैं पालिका और यातायात विभाग के अधिकारी

6 वर्ष पहले
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एसबीएस राणा, ट्रैफिक प्रभारी

हेलमेट का भी यही हश्र

शासनने हैलमेट अनिवार्य किया था पर अफसर फरमान जारी कर भूल गए और यातायात पुलिस इक्का-दुक्का कार्रवाई कर भूल गई। उद्देश्य था कि दुर्घटना में सिर पर चोट लगने से होने वाली मौतों में कमी लाई जाए, लेकिन लोग हैं कि जागरूक ही नहीं हो रहे। हालांकि सरकारी फरमान के बाद पुलिसवालों ने शहर की सीमाओं पर बिना हैलमेट वालों पर डंडे जरूर चमकाए, लेकिन दिन गुजरने के साथ ही इसे भूल गए। शहर में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो अपनी सुरक्षा के लिए स्वेच्छा से हैलमेट पहन रहे हैं, लेकिन इनकी संख्या महज दो फीसदी है। दोपहिया वाहन चलाने वालों को हैलमेट की अनिवार्यता बताने पुलिस ने कार्रवाई शुरू की थी। यह बमुश्किल से हफ्तेभर चली।

मेन रोड पर पार्किंग की जगह पर सजा सामान।

यातायात आफिस के ठीक सामने बीच सड़क पर मवेशियों का झुंड।

पुलिस औश्र पालिका नोटिस देकर भूले

शहरमें सबसे बड़ी दिग्गत पार्किंग की है। दुकानों और बैंकों के आगे पार्किंग के लिए जगह नहीं होने के कारण लोग कहीं भी अपना वाहन पार्क कर देते हैं। मुख्य मार्ग पर चल रही दुकानों के सामने ही सामान सजा रहता है और ग्राहकोंं के वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं। किसी भी बैंक के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। जिससे बैंक में आने वालों को अपने वाहन की पार्किंग सड़क पर करनी पड़ती है। तीन माह पहले ही पुलिस पालिका द्वारा सभी बैंक को नोटिस देकर कार्रवाई करने की बात कही थी। लेकिन आज तक नोटिस के बाद क्या हुआ दुबारा पलटकर बैंक वालों को नहीं पूछा गया है।

बेजाकब्जा तोड़ अभियान का अता-पता नहीं

बेजाकब्जातोड़ने पालिका ने 3 साल पहले कचहरी चौक से नहर पुल तक अअभियान चलाया था। सड़क किनारे से दुकानों का अतिक्रमण हटाने के बाद फिर अधिकारी गहरी निद्रा में चले गए थे। अचानक मई 2014 में पालिका का अमला जागा और कचहरी चौक के पास से ठेलों को हटाया गया। उसके बाद आज तक पालिका बेजाकब्जा तोड़ने इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। अब कचहरी चौक से नहर पुल तक फिर से सड़क किनारे अतिक्रमण हो चुका है। कचहरी चौक के पास ठेले भी फिर से लग गए हैं। उच्चाधिकारियों के आदेश के तुरंत बाद अचानक बीच में कार्रवाई कर पालिका अपनी काम का कोरम पूरा कर इतिश्री कर लेती है।



यही वजह है कि अभियान का समारात्मक परिणाम सामने नहीं पा रहा।

राजेन्द्र पात्रे, सीएमओ नपा जांजगीर-नैला

प्र. बेतरतीब पार्किंग करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही

उ. बीच- बीच में कार्रवाई तो करते हैं।

प्र. बसों को स्टैंण्ड कलेक्टोरेट तक ले जाने का काम भी लगातार नहीं हो रहा।

उ. बस वालों को समझाया जाता है और बीच-बीच में तो कार्रवाई भी होती है।

प्र. लगातार कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।

उ. अभी मै मेला में हूं, जानकारी नहीं दे सकता।

प्र. यातायात व्यवस्था बदहाल क्यों है

उ.थाना में जाकर जानकारी ले लो।

प्र. मवेशियों को पकड़ने की कार्रवाई क्यों नहीं होती

उ. शहर में कांजी हाऊस नहीं होने के कारण कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, क्योंकि पकड़ने के बाद कहां रखेंगे।

प्र.- शहर में पार्किंग सबसे बड़ी समस्या है इसके लिए क्या प्लान है

उ.- शहर में दो सेे तीन जगह पार्किग स्थल बनाया जाएगा, इनके जगह चयन कर लिया गया है।

प्र.- बैंक वालों को पार्किंग के लिए नोटिस दिए थे उसके बाद क्या हुआ

उ.- अब तीन जगह पार्किंग के जगह चयन होने के बाद समस्या से निजात मिल जाएगी, इसीलिए कार्रवाई नहीं की गई है।

प्र.- अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया जा रहा

उ.- चुनावी आचार संहिता के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।

सीधी बात

बना रहे हैं प्लान

नहीं दे सकता जानकारी