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मानव तस्करी जशपुर ही नहीं बल्कि राष्ट्र की समस्या
जिले में हो रही मानव तस्करी एक बड़ी सामाजिक समस्या बन कर उभर रही है। इस समस्या को देखते हुए राज्य सभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव ने मानव तस्करी के संबंध में संसद में प्रश्न भी पूछा है। 1 माह के अंदर 16 लोगों को दिल्ली से वापस लाकर उनके परिजन को सौपा गया है। वहीं दिल्ली से 16 आरोपियों को गिरफ्तार करने में भी पुलिस को सफलता मिली है।
जिले में मानव तस्करी एक बड़ी सामाजिक समस्या बनकर उभरी है। प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद सिलसिला जारी है। हर साल स्थानीय दलालों के माध्यम से बड़ी संख्या में यहां की युवतियों को काम दिलाने के बहाने महानगरों में ले जाया जाता है। इनमें ज्यादातर किशोरियां रहतीं हैं। महानगरों में प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से युवतियों को घरेलू कामों में लगाया जाता है। यहां से अधिकांश लड़कियों को काम के लिए दिल्ली ले जाया जाता है। इसके पीछे एक बड़ा कारण यह है कि दिल्ली में घरेलू काम करने के लिए नौकरानियों की डिमांड बहुत अधिक है, उस तुलना में वहां युवतियां नहीं मिलती। इसी का फायदा उठाकर दिल्ली में सैकड़ों प्लेसमेंट एजेंसियां हैं, जो अपने दलालों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पिछड़े इलाकों के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों से युवतियों को दिल्ली लाते हैं। दलाल युवतियों को काम के बदले अच्छा पैसा देने का झांसा देकर उन्हें अपने साथ दिल्ली या अन्य महानगरों में ले जाते हैं। जहां से उन्हें काम पर लगाया जाता है।
सांसद रणविजय िसंह ने राज्य सभा में जताई चिंता, दलाल काम के बदले अच्छा पैसा का झांसा देकर ले जाते हैं बाहर
िबग प्राब्लम
राज्य सभा सांसद राजा रणविजय सिंह जूदेव ने दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए बताया कि मानव तस्करी सिर्फ जशपुर जिले की ही समस्या नहीं है बल्की यह देश की सबसे बड़ी समस्या है। श्री जूदेव ने कहा कि इस समस्या को देखते हुए और इसके निदान के लिए उन्होंने राज्य सभा में प्रश्न भी उठाया है। यह कोई स्थानीय मुद्दा नहीं हैं इसके समाधान के लिए सभी को आगे आने होगा।आज के समय में दलाल भाेले भाले लोगों को अच्छे काम का लालच एवं अपने बहकावे में लेकर गांव से नाबालिगों को महानगरों की ओर ले जाते हैं।
जिले में मानव तस्करी की होने वाली अधिकांश घटनाओं में ग्रामीण क्षेत्र के युवक- युवतियों को अच्छे काम का लालच देकर दलाल ले जाते हंै। इस वर्ष के अधिकांश मामलों में