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- ‘यहां घर जैसा माहौल, खुशी है कि मैं 973 बच्चियों का पिता हूं:’
‘यहां घर जैसा माहौल, खुशी है कि मैं 973 बच्चियों का पिता हूं:’
कन्या महाविद्यालय में हुआ शिक्षक-अभिभावक सम्मेलन
भास्करन्यूज. जशपुरनगर
यहां के शासकीय विजय भूषण सिंहदेव कन्या महाविद्यालय में शनिवार को शिक्षक-अभिभावक सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें प्राचार्य डॉ. विजय रक्षित ने कहा कि उन्हे खुशी है कि वे यहां पढ़ने वाली 973 बच्चियों का पिता हूं। यहां की छात्राओं को घर जैसा सुरक्षित माहौल मिलता है। सम्मेलन में उपस्थित अधिकांश अभिभावकों का कहना था कि उन्होंने अपनी बेटी को इस कॉलेज में प्रवेश दिलाकर जीवन में एक उचित निर्णय लिया है। कॉलेज की स्थापना के बाद यहां पहली बार अभिभावक-शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
प्राचार्य डॉ. रक्षित ने कहा कि महाविद्यालय एक जीवंत संस्था है। अध्ययन अध्यापन के साथ-साथ महाविद्यालय प्रबंधन इस बात पर भी गंभीर है कि छात्राओं की क्या समस्या है। बहुत बार छात्राएंॅ अपनी समस्याएं प्रबंधन को नही पर अपने अभिभावक को बताती है। इस स्थिति में महाविद्यालय प्रबंधन के लिए आवश्यक है कि छात्राओं के अभिभावकों से संवाद बने। इसी क्रम में यह सम्मेलन आयोजित किया गया। प्राचार्य ने विगत तीन वर्षों में महाविद्यालय की छात्राओं की संख्या, नए विषय प्रारंभ, भवन निर्माण, संसाधनों में वृद्वि,छात्राओ के परीक्षा परिणाम आदि के संबध में जानकारी दी। शिक्षक अभिभावक योजना के संबध में प्रभारी (डॉ.) एम गुप्ता ने बताया कि महाविद्यालय के प्रत्येक छात्रा के एक अभिभावक शिक्षक होते हैं। किसी भी प्रकार के कार्य समस्याएं छात्राएंॅ अपने अभिभावक शिक्षक के माध्यम से अपनी बाते प्रबंधन के पास रखती है। प्राध्यापक श्रीमती एस कुजूर ने वर्तमान समय में छात्राओ की उपस्थिति और आंतरिक मुल्यांकन परीक्षा के संबध में जानकारी प्रदान की।
विज्ञानसंकाय में पीजी की मांग-महाविद्यालय केविकास के संबंध में विचार के संबध में अभिभावकों के विचार आमंत्रित किए गए, तो अधिकांश अभिभावकों ने विज्ञान संकाय में स्नातकोत्तर विषय प्रारंभ करने की मांग की। एक अभिभावक ने आग्रह किया कि कांसाबेल, कुनकुरी तक के बच्चे महाविद्यालय में अध्ययन करने प्रतिदिन आते हैं। ऐसी स्थिति में महाविद्यालय द्वारा बस सुविघा प्रदान करना चाहिए। कुछ अभिभावक ने छात्राओं की ओर से मांग रखी कि महाविद्यालय के छात्राओं के लिये एक प्रकार का ड्रेस लागू किया जाए। प्राचार्य ने सभी मांगों पर विचार कर पुनः बैठक आयोजित कर स