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नक्सलवाद, धर्मांतरण, गौ वध के रोकथाम पर हुअा विचार

7 वर्ष पहले
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जनजातिसुरक्षा मंच के तेतरटोली में तीन राज्य के लोग एक साथ हिंदू उरांव समाज सभा भवन में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में छत्तीसगढ़, ओडिसा, झारखंड के जनजाति समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। उरांव समाज सभा भवन बनाने में सहयोग करने वालों का सम्मान किया गया। सेमिनार 4 सत्रों में आयोजित किया गया,जिसमें मुख्य मुद्दा लव जेहाद, धर्मांतरण, गौ रक्षा नक्सलवाद के रोकथाम पर विचार विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जनजाति समाज में लव जेहाद की समस्या ज्यादा है। इससे समाज को बचाते हुए संस्कारित करना है। यदि ऐसे मामले सामने आते हैं, तो थाना को सूचित करते हुए कड़ी कार्रवाई करवाना है। समाज में सामंजस्य बना रहे और लव जेहाद जैसे समस्याओं से निपटा जा सकेगा। वक्ताओं ने धर्मांतरण पर गंभीरता से अपनी बात रखते हुए कहा कि हिंदू उरांव समाज में सबसे ज्यादा धर्मांतरण की समस्या है कैसे अपने लोगों को धर्मांतरण से बचाया जा सके और जो धर्मांतरित हो गए हैं उन्हें जात भीतर कार्यक्रम से अपने मूल समाज में वापस लाने का प्रयास किया जाए।

उपस्थित वक्ताओं ने गौ रक्षा पर कहा कि गौधन का तेजी से नुकसान हो रहा है। गौ तस्करी के माध्यम से गौ वंश को एक षडयंत्र के तहत समाप्त करने की कोशिश की जा रही है।इसके लिए जनजाति समाज को एकजुट होकर इस कार्य को करना होगा। इस अवसर पर केदारनाथ गुप्ता,प्रदीप जैन,शैलेंद्र गुप्ता,रामलाल गुप्ता,देवेंद्र गुप्ता,नयु राम सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

कार्यशाला में उपस्थित महिलाएं और पुरुष।

मंच में संबोधित करते पूर्व अजाक मंत्री गणेश राम भगत।

एकजुट होकर समाप्त किया जा सकता है नक्सलवाद को

नक्सलवादपर बोलते हुए पूर्व अजाक मंत्री गणेश राम भगत ने कहा कि ओडि़शा झारखंड से आए लोगो से अपील करते हुए कहा कि जनजाति क्षेत्रों में नक्सलवाद तेजी से पांव पसारा है।इसे एकजुट होकर रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज के लोग किसी भी कीमत पर नक्सलियों का सहयोग करें। यदि नक्सली आते हैं तो मिलजुल कर गांव वाले इस समस्या के समाधान का प्रयास करें। पुलिस को सूचना देकर नक्सलवाद जैसे समस्याओं पर काबू पाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि समाज के लोग संस्कार का बीज बो कर अपनी परंपरा का रक्षा करने के लिए आगे आएं।