दो दिवसीय बसंत महोत्सव का हुआ समापन
छत्तीसगढ़ और झारखण्ड की सीमा के डेवा डेल्गी में स्थित प्रसिद्घ शारदाधाम में आयोजित दो दिवसीय बसंत महोत्सव का रविवार को समापन हुआ।
इस महोत्सव में झारखण्ड और छत्तीसगढ़ से बढ़ी संख्या में श्रद्वालु पहुंचे थे। इस अवसर पर मंदिर संचालन समिति द्वारा मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। सरस्वती पूजा के अवसर पर ग्रामीणों द्वारा श्रमदान से माता सरस्वती के भव्य मंदिर की स्थापना की गई है। नगर पालिका जशपुर की उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियवंदा सिंह जूदेव ने यहां अपने दिवंगत पति शत्रुजंय प्रताप सिंह जूदेव की स्मृति भजन मंडप निर्माण के लिए भूमि पूजा भी किया। झारखण्ड की पूर्व मंत्री व विधायक विमला प्रधान भी इस महोत्सव में शामिल हुई।जशपुर जिले के दुलदुला विकास खण्ड में स्थित प्रसिद्घ शारदाधाम में पिछले 19 साल से चली आ रही परम्परा के मुताबिक सरस्वती पूजा के अवसर पर दो दिवसीय बसंत महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव में माता सरस्वती की पूजा के साथ खोखो,कबड्डी,तीरंदाजी जैसे पारम्परिक खेलों का आयोजन भी किया गया था।
इन खेलों में दोनों प्रांतों के लोगों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। गिरमा नदी के तट पर स्थित जिले के इस इकलौते शारदाधाम के प्रति लोगों की विशेष श्रद्धा है। यहां शारदाधाम पूजा समिति के द्वारा ग्रामीण के श्रमदान और आपसी सहयोग से भव्य मंदिर का निर्माण भी किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष कालेश्वर सिंह के मुताबिक इस मंदिर की स्थापना 1997 में दोनों प्रांतों के लोगों को हिंदू धर्म के एकता के सूत्र में पिरोने के लिए की गई थी। कार्यक्रम में सीडब्लूसी की अध्यक्ष श्रीमती शीला गुप्ता,शोभा मिश्रा,शीतल सिंह, प्रतिमा भगत, शांति कुजूर, लक्ष्मी देवी,मुन्नी बाई, रंजना तिडु, सुनीता रोशन,लता सिंह,अनिता मिश्रा, सुनीता गुप्ता, बबला गुप्ता, संदीप पाठक,पंचम यादव, आकाश गुप्ता, दीपक चौहान, बबलू मिश्रा,विदेश मिश्रा,ललित सिंह सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।