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दहशत में काट रहे रात.. खुद की रक्षा करें या फसल की
खेतों में धावा बोलने लगे हाथी
भास्करन्यूज | जशपुरनगर
हाथियोंके कहर का मौसम शुरू हो चुका है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हाथी लगातार उत्पात मचा रहे हैं। हाथियों के उत्पात को रोकने के लिए वन विभाग ने भी कमर कस ली है। जिले के अधिकांश हिस्सों में धान कटाई हो गई है। ग्रामीण धान को खलिहान गोठान में रख चुके हैं। कई हिस्सों में अभी भी खेतों में धान की पकी फसल खड़ी है और किसान धान कटाई में व्यस्त हो गए हैं। इन दिनों जिले के प्राय: सभी क्षेत्रों के किसान भयभीत भी हैं क्योंकि हाथी के गांव में घुसने उत्पात मचाने का मौसम भी गया है। हाथी को जंगल में खाने के लिए पर्याप्त भोजन नहीं मिलता है।
वे गांव की ओर रुख करते हैं। सामने जो आता है, हाथी उसे रौंद देते हैं। फसल बर्बाद कर देते हैं। जिस घर में धान रखा जाता है, उसे हाथी निशाना बनाते हैं। घर को ध्वस्त कर धान खा जाते हैं। जशपुर जिले के मनोरा, बगीचा, जशपुर, फरसाबहार, पत्थलगांव, कांसाबेल, दुलदुला आदि ब्लॉक के कई गांव हाथी प्रभावित हैं। जंगल में हाथियों के लिए पर्याप्त भोजन नहीं मिलने के कारण पिछले कुछ दिनों से हाथियों का जंगल से गांव में घुसने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसके साथ ही ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ चुकी है और वे हाथियों के भय से रतजगा करने को मजबूर हो गए हैं।
हाथी के झुंड ने बर्बाद कर दिया धान की कटी फसल।
तीन कृषकों के धान को चट किया हाथियों ने
हाथियोंके दल ने भभरी नवाटोली में पहुंच कर मिंजाई करने के लिए खलिहान में रखे धान को खा गए।रोमानुस के खलिहान में रोमानुस,शिवनाथ पाठक एवं मरगा के एक अन्य कृषक का धान रखा हुआ था।जिसे हाथियों के दल ने खलिहान में रखे धान को रौंद कर खा गए।जिससे किसानों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा है।
मरगाके जंगलोंं में है हाथियों का दल
इनदिनो जिला मुख्यालय के पास लगे गांव मरगा के जंगलो में हाथियों ने अपना डेरा जमाया हुअा है।भभरी के ग्रामीणों ने बताया कि भभरी से हाथियों के दल को खदेड़ने के बाद हाथियों का दल मरगा के जंगलों की ओर चले गए हैं और दो दिनों से मरगा के जंगलों में ही अपना डेरा जमाया है।जिससे इस क्षेत्र के मरगा,डुमरटोली,फतेहपुर,सोगड़ा के कृषक चिंतित हैं कहीं हाथियों का दल उनके खेतों के ओर रूख कर उनके फसलों को नुकसान ना पहुंचा दे।
सोमवार की रात 10 बजे सोगड़ा के जंगलों से 15 हाथियों