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80 रुपए बोर्ड ने वसूले, 20 रुपए में कैसे लें परीक्षा
शिक्षाकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जिले में केंद्रीकृत तिमाही और छमाही परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इसके प्रश्न पत्र जिला स्तर पर तैयारकर स्कूलों को सीडी में दिया जा रहा है। सीडी में प्राप्त प्रश्न पत्र को फोटो कॉपी कराने में प्राचार्यों का पसीना निकल रहा है कि आखिरकार इसका भुगतान कैसे किया जाए।
परीक्षा के नाम पर स्कूल आरंभ होने के पूर्व ही निर्धारित फीस विद्यार्थियों से ली गई है, जिसमें से 80 रुपए प्रति विद्यार्थी के मान से माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा पहले 9 वीं एवं 11 वीं के केंद्रीकृत परीक्षा के लिए वसूल किया जा चुका है। 20 रुपए में जिले के प्राचार्य कैसे तिमाही और छमाही के प्रश्न पत्रों का भुगतान करें, वह उन्हें समझ में नहीं रहा है। जिले में कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक की परीक्षा एक साथ ली जारी है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व के वर्षों में प्राचार्य अपने स्तर पर प्रश्न पत्र तैयार कर इसका पब्लिकेशन कराते रहे हैं। परंतु इस वर्ष नई व्यवस्था के कारण जिला स्तर से प्राप्त प्रश्न पत्र को अपने स्तर पर फोटो काॅपी कराने में इसका बजट फेल होता दिख रहा है। प्रश्न पत्रों के फोटो कापी कराने में एक प्रति 2 रुपए के हिसाब से किसी प्रश्न पत्र को कराने में 4 रुपए से 6 रुपए की लागत रही है। दर्ज संख्या के हिसाब से जोड़ने पर राशि बहुत अधिक हो जा रही है। बड़े स्कूल जहां फोटो काॅपी मशीन की सुविधा है, वहां पर तो स्थिति ठीक है, पर जिन स्कूलों में इसकी कोई व्यवस्था नहीं हैं, उन्हें काफी दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा हैं। पूर्व में आयोजित तिमाही परीक्षा का प्रश्न पत्र निर्माण का खर्चा तो जैसे-तैसे निपट गया, पर छमाही परीक्षा ने प्राचार्यों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है।
छमाही परीक्षा 11 से
छमाही परीक्षा 11 दिसंबर से प्रारंभ होगी। प्राचार्य प्रश्न पत्र तैयार करने में जुटे हैं। पर उनका कहना है कि अगर केंद्रीकृत परीक्षा का आयेाजन किया ही जाना है, तो आगामी सालों में प्रश्न पत्र का मुद्रण करा कर जिले से मिलना चाहिए। इसके लिए आवश्यक शुल्क भी निर्धारित कर ली जानी चाहिए, जिससे अनावश्यक परेशानी का समाना करना पड़े। प्रति विद्यार्थी 20 रुपए ही शेष हैं। ऐसे में दो परीक्षा कराना संभव प्रतीत नहीं हो रहा है। किसी अन्य मद से राशि की व्यवस्था कर दी जाए, तो इन फोटोकापी का भुगतान संभव हो सकता है। शैक