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आकाशीय बिजली से 1 की मौत, 4 घायल

7 वर्ष पहले
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रविवारको दोकड़ा में आकाशीय गाज से 1 की मौत एवं दो घायल हो गए। वहीं रनपुर क्षेत्र के ग्राम टोंगरीटोली में आकाशीय गाज गिरने से दो महिलाएं झुलस गईं। जिनमें से एक की हालत गंभीर है। ग्रामीणों ने उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए संजीवनी एंबुलेंस को फोन किया। पर संजीवनी एंबुलेंस तीन घंटोंं बाद गांव पहुंची। इस बीच परिजनों ने घंटो झुलसी महिलाओं को गोबर का लेप लगाकर रखा।

जानकारी के मुताबिक गोरिया गांव से सुमित्रा मिंज (30) टोंगरी बहार अपने किसी बीमार रिश्तेदार को देखने आई थी। रविवार की दोपहर अचानक मौसम खराब हुआ और उसके घर के पास आकाशीय गाज गिरी। जिसकी चपेट में आकर सुमित्रा मिंज एवं उसके पड़ोस के घर में रहने वाली सरिता लकड़ा (27) उसकी चपेट में गए। जिससे दोनों झुलस गए। सरिता की स्थिति गंभीर है। ग्रामीणों ने तत्काल दोनों महिलाओं के शरीर के झुलसे हिस्से में गोबर का मोटा लेप लगा दिया। उल्लेखनीय है कि अभी भी अंधविश्वास और जागरूकता के अभाव में ग्रामीण मानते हैं कि गोबर लगाने से गाज मारने का इलाज किया जा सकता है। वहीं कुछ ग्रामीणों ने घटना की सूचना 108 में डायल कर संजीवनी एंबुलेंस को दी। पर एंबुलेंस तीन घंटों बाद ही मौके पर पहुंची। एंबुलेंस के माध्यम से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

1 युवक की मौत

तीन घायल

आकाशीय गाज से झुलसी महिला

रविवार की शाम 5 बजकर 25 मिनट में दोकड़ा पंचायत के करमटोली निवासी वीरेंद्र (45),रफैल (32) एवं अश्विन (28) वीरेंद्र के घर के परछी में बैठकर बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान अचानक अवासीय गाज गिरने से तीनों उसके चपेट में गए।जिससे वीरेंद्र राम की मौके पर ही मौत हो गई एवं गंभीर रूप से घायल रफैल एवं अश्विन को उपचार के लिए 108 संजीवनी से कुनकुरी होलीक्रॉस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सिविल सर्जन डॉ. एनसी नंदे ने कहा कि आकाशीय गाज से झुलसे मरीजों का उपचार किसी भी तरह गोबर के लेप से नहीं हो सकता। बल्कि यह नुकसानदेह हो सकता है। झुलसे हुए हिस्से में इससे संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा गाज की चपेट में आए मरीज को तत्काल अस्पताल लाना चाहिए। जहां उनका समुचित उपचार हो सके। डॉ. नंदे ने कहा कि मरीज की स्थिति के अनुसार ही चिकित्सक उनका उचित उपचार करते हैं।

नुकसानदेह हो सकता है गोबर लगाना