मानवाधिकार के प्रति बंदी हुए सजग
जिला जेल में न्यायाधीशों ने दी जानकारी
भास्करन्यूज | जशपुरनगर
विश्वमानवाधिकार दिवस के अवसर पर जिला जेल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें न्यायाधीशों ने पहुंचकर बंदियों को मानव अधिकारों के प्रति सजग किया। न्यायाधीशों ने कई महत्वपूर्ण जानकारी बंदियों को दी।
कार्यक्रम में विधिक सेवा प्राधिकरण से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अजय सिंह राजपूत, विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल पांडेय, जेलर मुकेश कुशवाहा, बालक कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती शीला गुप्ता, परीविक्षा अधिकारी श्रीमती अंजना मिश्रा, समाज कल्याण विभाग के विनय तिवारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे। सीजेएम अजय सिंह राजपूत ने कहा कि मानवाधिकार की परिकल्पना को पूरे विश्व में समय के साथ समर्थन मिला है और यह विषय सीधे संवेदना से जुड़ा है। जिसके प्रति समझ विकसित होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों से संबंधित मांगों को सामाजिक और नैसर्गिक शक्तियों के द्वारा दुखदायी ढंग से विफल किया जाता रहा है, जिसका परिणाम शोषण, उत्पीड़न, अत्याचार के रूप में सामने हैं। इन्हीं परिस्थितियों से मानवाधिकार के प्रति आवाज बुलंद हुआ, जिसके परिणाम स्वरूप भारत में कानून बने और उसका क्रियान्वयन हो रहा है। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल पांडेय ने कहा कि मानवाधिकार अब किसी एकांकी राज्य का अनन्य विषय नहीं रहा।
मानवाधिकार का महत्व उत्तरोत्तर बढ़ता जा रहा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लोगों में ऐसी जागरूकता बलवती होती जा रही है कि उन्हें एक ऐसी जीवन पद्धति चाहिए जो मानव गरिमा के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि इस धारणा के पीछे स्पष्ट रूप से यह बात सार्थक होगी कि एक जीवन पद्धति सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
कपड़े खेल सामग्री पाकर खिले चेहरे
विश्वमानवाधिकार दिवस के अवसर पर जिला जेल में पुरुष बंदियों के मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए आसरा के द्वारा वालीबॉल, शतरंज लूडो आदि बांटे गए। इसके अलावा महिला बंदियों को साड़ी गर्म कपड़े बांटे गए। साथ ही महिला बंदियों के साथ जेल में रह रहे उनके छोटे बच्चों को भी कपड़े खिलौने दिए गए। ये सामग्री पाकर बंदियों के चेहरे खिल उठे थे।