बारिश से फसलों को नहीं होगा नुकसान
बारिश से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त
बेमौसम हुई बारिश से विद्युत, पेयजल व्यवस्था ठप
विगतदो तीन दिनों से आसमान पर छाये बादलों के कारण समय समय पर हो रही हल्की बूंदा बांदी ने गुरुवार की सुबह लगभग सात बजे तेज बारीश का रूप ले लिया।
इससे पहले चली तेज हवा एवं अंधड़ से आसमान में बादल और भी गहरा गए, जिसके कारण अंधेरा सा छा गया। लगभग एक घंटा तक चली तेज बारीश के कारण लोगो को सबेरे के काम निपटाने एवं प्रातःकालीन भ्रमण में परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवा बारीश के उपरांत प्रातः लगभग 9 बजे से गुल हुई बिजली दोपहर 1 बजे तक बंद रही इसके बाद भी बिजली का आना जाना जारी रहा। विभागीय अधिकारियों द्वारा पानी बारिश के कारण स्थानीय लाइन में फाल्ट आने के कारण विद्युत आपूर्ति बंद होना बताया गया। सुबह लगभग 5 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहने के कारण सीधे बौर से सप्लाई प्राप्त करने वाले क्षेत्रों में पानी आपूर्ति व्यवस्था बाधित हुई।
बिजली के बंद रहने तथा पेयजल आपूर्ति भी मिलने से इस खराब मौसम में गृहणियों को अपना दैनिक काम निपटाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बेमौसम हुई इस बारीश के कारण तापमान में भारी गिरावट होने से ठंड का अहसास भी बढ़ने लगा है। प्रातःकाल हुई तेज बारीश से सबेरे यात्रा करने वाले यात्रियों को बस पकड़ने में भी परेशान होना पड़ा।
ईंट भट्ठों में हुआ नुकसान
वहींसबसे ज्यादा परेशानी एवं नुकसान ईंट भट्ठा मालिकों का झेलना पड़र। भट्ठों में निर्माण कर पकाने के लिए रखे गए लाखों ईंट खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। शाम को अचानक बारिश होने से हजारों ईंट गल गए। जिससे भट्ठा संचालकों को काफी नुकसान पहुंचा है। ऋषि यादव, अनूप गुप्ता ने बताया कि भट्ठों में पानी से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है। पर शाम को मजदूरों की छुट्टी होने के बाद अचानक बारिश होने से काफी नुकसान हुआ।
गुरूवार को सुबह 7 बजे आसामन में छाए बादल
सड़कों पर भरा पानी
बुधवारकी रात से सुबह तक झमाझम बारिश होने के बाद सुबह सड़कों पर जगह-जगह पानी जमा हो गया था। शहर की कुछ गलियों में पानी निकासी के इंतजाम नहीं होने से नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यहंा बंदियाखार, दर्रापारा मार्ग पर मनमाने ढंग से बनाई गई नई काॅलोनियों में पानी निकासी के इंतजाम नहीं होने से यहंा काफी देर तक आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। पुरानी बस्ती में भी कई जगह बारिश का पानी निकलने के पुख्ता इंतजाम नहीं होने से वहंा के नागरिकों को मुश्किल हो गई थी।
आसमान में छाए बादल।