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खेल से ही व्यक्ति में प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत होती है: प्रबल

7 वर्ष पहले
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जशपुरनगर| खेलजीवन का अभिन्न हिस्सा है। शारीरिक मानसिक विकास के लिए आहार जितना जरूरी है खेल भी उतना ही। प्रतियोगिताओं के आयोजन से लोगों के बीच आपसी भाईचारे की भावना प्रगाढ़ होती है। उक्त बातें नगरपालिका उपाध्यक्ष धर्म रक्षा प्रकोष्ठ के प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने ग्राम बहेरना के ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कही।

मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत बहेरना में रविवार को फुटबाल टूर्नामेंट का उद्घाटन किया गया। शुभारंभ समारोह में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। उनके साथ क्षेत्रीय भाजपा नेता भागवत नारायण सिंह, गोविंद राम, जूदेव सेना के प्रमुख वेद प्रकाश तिवारी विशेष रूप से पहुंचे थे। उक्त अंतरराज्यीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ झारखंड के कुल 56 टीमों के खिलाड़ी ने भाग लिया है। शुभारंभ समारोह में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए मुख्य अतिथि प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि खेल से हमें काफी कुछ सीखने को मिलता है। खेल से ही व्यक्ति में प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत होती है और जीतने की आदत भी यहीं से डलती है। खेल में जीत के लिए बारंबार किए जा रहे प्रयास से व्यक्ति सीखता है कि जीवन में संघर्षों से कैसे लड़ा जाए और तमाम संकट संघर्षों से लड़ते हुए अपने लक्ष्य को कैसे हासिल किया जाए। प्रबल प्रताप ने कहा कि जो व्यक्ति खेल से दूर रहता है वह अपने जीवन में औसत सफलता ही दर्ज कर पाता है क्योंकि हर विपत्तियों में उसका हौसला डगमगा जाता है। उक्त कार्यक्रम में गांव की सरपंच सुखमणिया बाई, बाबूला सिंह, सुल्लू राम, विश्वनाथ राम, विनोद प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। प्रबल प्रताप के गांव पहुंचने पर गांव में उत्साह का माहौल देखा गया।



प्रबल के गांव में प्रवेश होने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक ढ़ोल नगाड़े से उनका स्वागत किया।



प्रबल को देखने और सुनने के लिए हजारों की भीड़ गांव में जुट गई थी।