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हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षाकर्मियों में खुशी

7 वर्ष पहले
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शिक्षाकर्मियों,शिक्षक पंचायत को जिला जनपद पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों के समान ग्रेच्युटी, पीएफ, महंगाई, यात्रा, चिकित्सा भत्ता सहित अन्य आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद जग गई है। यहां के बड़ा करौंजा में पदस्थ शिक्षाकर्मी सरवर हुसैन एवं पतराटोली के शिक्षाकर्मी सत्यनारायण राम की एक अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंचायत और समाज कल्याण विभाग के सचिव को तीन माह के अंदर शिक्षाकर्मियों की अर्जी का निराकरण के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले सचिव को जिला और जनपद पंचायतों के कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों के विवाद पर फैसला लेने का आदेश दिया गया है। अपीलकर्ता सरवर हुसैन एवं सत्यनारायण राम ने बताया कि छत्तीसगढ़ पंचायत शिक्षाकर्मी, भर्ती और सेवा शर्तें, नियम 1997 के नियम 11 का हवाला देते हुए जिला और जनपद पंचायत कर्मियों के समान आर्थिक अन्य लाभ देने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि उनकी याचिका हाईकोर्ट के सिंगल बेंच ने खारिज कर दी थी। जिसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से डिविजन बेंच में अपील की थी। चीफ जस्टिस यतींद्र सिंह और जस्टिस प्रीतिकर दिवाकर की डिवीजन बेंच ने शिक्षाकर्मियों की अर्जियों का तीन माह में िराकरण के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने इससे पहले जिला और जनपद पंचायत के कर्मचारियों को मिलने वाले आर्थिक लाभ का विवाद सुलझाने के भी निर्देश दिए हैं। अपीलकर्ताओं ने बताया कि शासन ने अपने पक्ष में बताया था कि जिला और जनपद पंचायतकर्मियों को सामान्य नियमों के तहत आर्थिक लाभ नहीं दिए जाते। संबंधित जिला और पंचायतों में लागू नियमों के तहत ही लाभ मिलते हैं। ऐसे में शिक्षाकर्मियों को अपील में मांगे गए आर्थिक लाभ नहीं दिए जा सकते। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना है कि जिला और जनपद पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों को मिलने वाले आर्थिक लाभों को लेकर विवाद की स्थिति है। हाईकोर्ट ने पंचायत और समाज कल्याण विभाग के सचिव को इस विवाद को पहले सुलझाने के लिए कहा है।