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एक माह में तीसरी घटना, संरक्षण गृह से भागी बालिका

7 वर्ष पहले
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बालिकासंरक्षण गृह से बिना बताए बीते सोमवार को 18 वर्षीय एक बालिका के भाग जाने का मामला सामने आया है। मामले की सूचना पर बालक कल्याण समिति ने महिला एवं बाल विकास के एकीकृत महिला बाल संरक्षण योजना की संरक्षण अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। बताया जाता है कि जांच के दौरान बालिका गृह में बच्चों को कम खाना देने भेदभाव करने जैसी गंभीर लापरवाही सामने आई है।

जानकारी के अनुसार 18 वर्षीय बालिका 5 सितंबर की रात बिना किसी को बताए बालिका गृह से गायब हो गई। उसे दो महीने पहले ही बालिका गृह में संरक्षित किया गया था। सुबह इसकी जानकारी मिलने पर चाइल्ड लाइन के जीपी धीवर ने मामले की सूचना सीडब्ल्यूसी को दी। बालक कल्याण समिति की अध्यक्ष शीला गुप्ता ने इस मामले की जांच का जिम्मा संरक्षण अधिकारी अंजना शर्मा को सौंपा। बताया जाता है कि संरक्षण अधिकारी ने अपनी जांच पूरी कर ली है और जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं हैं। घटना के वक्त बालिका गृह की अधीक्षक नीलम देवांगन किसी प्रशिक्षण के सिलसिले में इंदौर में थीं और कोई जिम्मेदार कर्मचारी वहां नहीं था। इसके अलावा बालिका गृह में बच्चों के साथ कठोर अनुशासन, भेदभाव करने खाना कम देने की बात भी सामने आई है।

सुरक्षा को लेकर सवाल

इससेपहले दो संरक्षित बच्चियां बगीचा के पुत्रीशाला स्कूल से गायब हो गई थीं। जो बाद में मिल गईं। एक महीने के अंदर संरक्षित बालिकाओं के भागने की तीसरी घटना होने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। बताया जाता है कि बालिका गृह में सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। जिस पर बालक कल्याण समिति ने गंभीर चिंता जताई है।

^मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच प्रतिवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। बालिका गृह में सुरक्षा को लेकर जरूरी पहल की जाएगी। शीलागुप्ता, अध्यक्ष,सीडब्ल्यूसी