11 सौ गांवों में समिति बनाएगी विहिप
डूमरबहार| विश्वहिंदू परिषद आगामी वर्ष में 11 सौ गांवों में समिति बनाएगी। जशपुर पत्थलगांव जिलों के कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक में लक्ष्य निर्धारित कर इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई।
संगठन के कार्यों पर चर्चा के लिए शुक्रवार को धर्मशाला में विहिप के जशपुर पत्थलगांव जिला की संयुक्त बैठक बुलाई गई थी। प्रांताध्यक्ष सुभाष अग्रवाल के मार्गदर्शन में हुई बैठक में लैलूंगा, कांसाबेल, धरमजयगढ़, पत्थलगांव सीतापुर प्रखंड समेत जशपुर जिले के कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान प्रांतीय अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने हिंदू धर्म और संस्कृति पर हो रहे हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए इसकी सुरक्षा के लिए संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक जागृति पर उन्होंने बल दिया। उनका कहना था कि धर्मांतरण कारी ताकतें ग्रामीण क्षेत्रों को अधिक निशाना बनाती हैं। गांवों के भोले-भाले लोग ऐसी ताकतों के बहकावे में आसानी से जाते हैं। ग्रामीणों में धर्म और संस्कृति के प्रति सुरक्षा की भावना जगाकर ही इनका सामना किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि देश के 6.5 लाख गांवों में से 1 लाख गांवों में विहिप की समितियां कार्य कर रही हैं और आगामी वर्ष में 1 लाख अन्य गांवों में समितियां बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक के दौरान 21 दिसंबर को कुनकुरी में विशाल हिंदू सम्मेलन कराने का निर्णय लिया गया। विहिप के जिलाध्यक्ष पवित्र मोहन बेहरा, नगर अध्यक्ष चंदन शर्मा, बजरंग दल के जिला संयोजक मोती लाल बंजारा, विहिप के जिलामंत्री देवानंद यादव, जिला सह मंत्री जगेश्वर यादव, लैलूंगा के मनोज कौशिक, धरमजयगढ़ के गणेशराम, सीतापुर के विनोद अग्रवाल समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए।
बलिदान दिवस पर रक्तदान शिविर
बैठकके दौरान 2 नवंबर को पत्थलगांव में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई। नगर अध्यक्ष चंदन शर्मा ने बताया कि 2 नवंबर 1990 को तत्कालीन उप्र सरकार द्वारा राममंदिर निर्माण की मांग को लेकर कारसेवा कर रहे लोगों पर गोलियां चलवाई गई थीं। जिसमें बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। धर्म की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले लोगों की याद में 2 नवंबर को विहिप द्वारा बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि बलिदान दिवस के मौके पर पत्थलगांव म