शिक्षा में गरीबी कभी भी बाधा नहीं बन सकती:एमएस पैकरा
सरगुजा संभाग के पूर्व कमिश्नर रहे एमएस. पैकरा ने बुधवार को पत्थलगांव के शासकीय कन्या उ.मा.वि. पत्थलगांव पहुंचकर छात्राओं को पढ़ाई का लक्ष्य निर्धारण करने संबंधी विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। सर्वप्रथम पूर्व कमिश्नर ने छात्राओं को अपना परिचय देते हुए कहा कि शिक्षा मे गरीबी कभी भी बाधा नहीं बन सकती गरीबी तो एक अंधविश्वास है जो लक्ष्य प्राप्ति मे बाधा बनती है, लक्ष्य की प्राप्ति होगी तो गरीबी और अंधविश्वास सब स्वमेव समाप्त हो जाएंगें।
उन्होंने स्वयं की कक्षा 10वीं, 12वीं एवं कालेज की पढ़ाई के बाद लक्ष्य को पाने के लिए अपने अनुभवों से बच्चों को अवगत कराया।श्री पैकरा ने साफ -सफाई एवं स्वच्छता से शरीर एवं मन के स्वस्थ रहने से सर्वांगीण विकास होने की बात कहते हुए बीमारियों के बचाव के उचित उपाय के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करने की बात कही एवं इसकी तैयारी के संबंध में मार्ग दर्शन दिया।उन्होंने कहा कि मै स्वयं जिले के ग्रामीण क्षेत्र से हूं गांव में ही प्राथमिक शाला से लेकर हाई स्कूल तक अध्ययन उपरांत स्नातक के लिये जशपुर एन.ई.एस. कॉलेज जशपुर में अध्ययन किया। इसके बाद पीजी के लिए मैं रायपुर पढ़ने के दौरान लोक सेवा आयोग एवं संघ लोक सेवा आयोग के बारे में जानकारी मिली और उसकी तैयारी मे जुट गया। उन्होंने छात्राओं को कहा कि जो आपके पाठ्यक्रम में है उसे क्लियर कीजिए क्योंकि आगे चलकर वही यूपीएससी या पीएससी के लिए आपको तैयारी करना पड़ेगा साथ ही सामान्य ज्ञान का भी अध्ययन करना पड़ेगा। इसी बीच कक्षा ग्यारहवी की छात्रा कु. प्रतिभा ने उनसे प्रश्न किया कि मुझे कलेक्टर बनना है। इसके लिए कितने घंटे अध्ययन की आवश्यकता है इस प्रश्न का सहज ढंग से जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि आपको बहुत ज्यादा अध्ययन करने की आवश्यकता नहीं है। आपको अपनी कक्षा नवमीं से लेकर जहां तक आप अध्ययन करेगे। आपका बेस लाईन क्लियर होते रहना चाहिए। आप जिस क्लास में हैं उस कक्षा का पाठ्यक्रम को आपको पूर्ण कर लेना चाहिए। इसके बाद कु. रितु डहेरिया कक्षा दसवीं की छात्रा ने उन्हें कहा कि मैं प्रोफेसर बनना चाहती हूं इसके लिए मुझे क्या करना पडे़गा। श्री पैंकरा जी ने कहा कि 10 वीं, 12 वीं, स्नातक तक कम से कम 55 प्रतिशत लाना अनिवार्य है। और स्नातकोत्तर में एस.टी. के लिए 50 प्रतिशत कम से कम और सामान्य के लिए कम से कम 55 प्रतिशत होना अनिवार्य होता है। तब आप पात्रता रखेंगे। साथ ही आपको पी.एच.डी. नेट स्लेेट होना चाहिए।
श्री पैंकरा ने सफल व्यक्ति बनने के लिए समय का प्रबंधन आवश्यक होने की बात पर जोर देते हुए कहा कि आपको अपनी दिनचर्या मे समय को विशेष ध्यान देने की जरूरत है, सभी कार्य के लिए समय निर्धारण करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बच्चों मे सामान्य ज्ञान को मजबूत करने के लिए निरंतर समाचार पत्र का अध्ययन करने की बात कही। कार्यक्रम में बीईओ बीएस पैकरा, स्कूल प्रिंसिपल अर्चना एक्का, व्याख्याता सीपी भगत, आर भगत, डी आर कुर्रे, के के इन्दवार, जी आर भगत,संगीता मिश्रा एवं रश्मि श्रीवास्तव समेत स्कूली छात्राएं उपस्थित थी।
छात्राओं को संबोधित करते एमएस पैकरा व शासकीय कन्या उ.मा.वि. पत्थलगांव में उपस्थित छात्राएं।