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पार्षद ऐसा हो, जो लोगों उम्मीदों पर उतरे खरा

7 वर्ष पहले
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चुनावकी तारीखों की घोषणा होने के बाद से ही मोहल्लों में चुनाव को लेकर काफी उत्साह है। लोगों को बहुत उम्मीदें रहती हैं, कि उनके सभी समस्याओं का समाधान हो और एक काबिल उम्मीदवार उनका मुखिया बने। उम्मीदवार कैसा हो, माेहल्ले में क्या विकास होने चाहिए, किन बातों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, इन्हीं बातों को लेकर भास्कर ने शहर के कुछ मोहल्लों में जाकर वार्ड के लोगों से बात की।

भास्कर ने यह जानना चाहा कि बीते पांच सालों में कौन-कौन से मोहल्लों के पार्षदों ने विकास में अपनी भूमिका निभाई। मोहल्लों की समस्याओं का समाधान कितना किया। पुरानी टोली निवासी ममता भगत, वैशाली यादव, बबिता रवानी, उमिका गिरी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी काफी आगे बढ़ चुकी है। सभी लोग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के जगत में पहुंच चुके हैं, तो एक लीडर या पार्षद भी ऐसा होना चाहिए, जो समय-समय पर लोगों काे जानकारी दे कि उनके हितों के लिए क्या-क्या योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बूंद-बूंद -शेषपेज 16





सेही घड़ा भरता है और यदि हमारे भारत को संपन्न देश बनाना है, तो हर एक मोहल्ले में एक मोदी को उठना पड़ेगा। जिससे लोगों में जागरूकता आए। यहां के युवाओं की सोच है कि यहां से ऐसा उम्मीदवार हो, जो जीतने पर अपनी जिम्मेदारियों को निष्ठा पूर्वक निभाए। जशपुर को आगे बढ़ाए। लोगों की समस्याओं का समाधान करे।

मिलन चौक निवासी आशा चौहान, शिल्पा सिंह, आनंद सिंह ने कहा कि उन्हें नगर पालिका की योजनाओं के संबंध में कुछ पता लगाना होता है, ताे उनको नगरपालिका के हजारों चक्कर काटने पड़ते हैं। जब चुनाव की बारी आती है तो उम्मीदवार घर-घर घूमकर वोट मांगते हैं और समस्याओं के समाधान का वादा भी करते हैं। पर चुनाव खत्म होने के बाद सब भूल जाते हैं। नगरवासियों के समस्याओं को अनदेखा करके अपने हितों के बारे में सोचने लगते हैं। इसी तरह दरबारी टोली के विक्की जासूजा, बड़कू ने कहा कि बेरोजगार युवाओं की भी कई समस्याएं हैं। उनके पास डिग्री होते हुए भी उनके मुखिया उन पर ध्यान नहीं देते। नगर पालिका को युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों की जानकारी मोहल्ले के युवाओं को देनी चाहिए और उससे उन्हें जोड़ना चाहिए। जिससे अधिक से अधिक युवा आत्मनिर्भर बन सकें।

{मोहल्ले के गरीब बच्चों को खेल जगत में काफी रुचि रहती है। पर गरीबी के कारण वे आगे नहीं बढ़ पाते। ऐ