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स्कूल, आंगनबाड़ी के छात्रों को चाहिए शुद्ध पानी अभी कर रहे दूषित पेयजल का उपयोग

6 वर्ष पहले
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नगर पंचायत एवं पीएचई विभाग को कई बार सूचना दी गई है। किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने के कारण बीते चार वर्षों से पास के निजी घर से पानी लाकर काम चलाया जा रहा है। यशोदानायक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

{जिस स्थल पर स्कूल और आंगनबाड़ी भवन है, वहां गढ्ढे हैं गढ्ढे को समतल कर वहां रूकने वाले दूषित जल को हटाया जा सकता है।

{बोरिंग के पास सोख्ता गढ्ढा बना कर वहां प्रदूषित हो रहे पानी को स्वच्छ रखा जा सकता है।

{आसपास के घरों से आने वाले गंदा पानी के निकासी के लिए नाली का निर्माण कर छात्रों को शुद्ध पेयजल के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण दिया जा सकता है। यहां पार्किंग करने वालों को अन्य स्थान में पार्किंग के लिए जगह दे बच्चों को सुरक्षित किया जा सकता है।

^नगर पंचायत एवं पीएचई विभाग को कई बार लिखित में आवेदन विद्यालय की ओर से देकर स्थिति से अवगत कराया गया है। पर अपने क्षेत्राधिकार में मामला नहीं आने का कारण बताकर पीएचई विभाग द्वारा पल्ला झाड़ लिया गया। नगर पंचायत द्वारा स्थल का निरीक्षण भी किया गया था। नरेशयादव, प्रधान पाठक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला

^समस्यालंबे समय से चली रही है। मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण के बाद समस्या का समाधान जल्द करने की व्यवस्था की जाएगी। बसंतबुनकर, सीएमओ, नगर पंचायत

स्वास्थ्य के लिए हो सकता है घातक

विद्यालयपरिसर में दूषित पेयजल के उपयोग और पूरे परिसर में व्याप्त गंदगी के कारण हमेशा यहां बदबू का वातावरण बना रहता है। साथ ही परिसर में निर्माण कार्यों के लिए खुदे हुए बड़े-बड़े गड्ढों में भरा नालियों का गंदा पानी कभी भी बड़े हादसे को अंजाम दे सकता है। बीएमओ डॉ. एस टोप्पो का कहना है कि दूषित पेयजल का उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे कई प्रकार की संक्रामक बिमारियों के होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के दूषित पेयजल का बच्चो को उपयोग नहीं करने देना चाहिए।

गैरेज पार्किंग के रूप में स्थल का उपयोग

इसस्कूल के पास भूमि के विवादास्पद होने का तर्क देकर इस स्थल की सफाई आदि से संबंधित विभागों ने पल्ला झाड़ लिया है। जबकि इस परिसर का वाहन मालिकों द्वारा गैरेज एवं पार्किंग के रूप में व्यावसायिक उपयोग घड़ल्ले से किया जा रहा है। जिसके लिए किसी प्रकार की कोई कानूनी अड़चन उत्पन्न नहीं हो रही है। इस विद्यालय की भूमि के विवाद में राजनीति करने वाले स्वयंभू जनप्रतिनिधियों एवं शाला प्रबंधन समिति द्वारा भी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से हो रहे इस खिलवाड़ पर अपनी आंखे बंद कर ली है। जो दुर्भाग्यजनक है।

आगनबाड़ी एवं स्कूल परिसर में फैली गंदगी, गंदे पानी के जमाव के पास स्थित हैंडपंप के पानी का स्कूली बच्चे पीने के लिए कर रहे उपयोग।