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अब जेल के सैप्टिक टैंक का पानी नहीं जाएगा मोहल्ले के कुआं में
जेलके सेप्टीक टैंक से निकल रहे मलयुक्त गंदा पानी से 4 वर्ष से मोहल्लेवासियों का जीना मुहाल हो गया था। इसके कारण मोहल्लेवासी बैक्टीरियायुक्त प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर हो गए थे। इन चार वर्षो में ना तो प्रशासन और ही नगर पालिका समस्या का समाधान करने में कोई रुचि दिखा रहा था। मोहल्लेवासियों ने कई बार कलेक्टर जनदर्शन और नगर पालिका में समसया के समाधान के लिए गुहार लगा चुके थे, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। समस्या को नगर पालिका अध्यक्ष हीरूराम निंकुज एवं वार्ड पार्षद मीरा गुप्ता ने मौके पर पंहुच कर समस्या का समाधान कराया था।
जिला जेल का सेप्टिक टैंक से निकलने वाले प्रदूषित पानी को जेल के पिछ़वाड़े के मोहल्ले में पिछले तीन-चार वर्षों से डिस्पोज किया जा रहा है। गहरी नाली नही होने के कारण यहां का पानी आसपास के मोहल्लों में फैल जाता है और मोहल्लेवासियों के द्वारा उपयोग किए जा रहे कुआं, हैण्डपंप में पंहुच रहा है। जिससे पेयजल के स्त्रोत दूषित हो रहें हैं। इस समस्या का लेकर 08 जून 2009 को इस मोहल्ले के तत्कालिन पार्षद ने समस्या के समाधान के लिए कलेक्टर को पत्र लिखकर इसके निदान की गुहार लगाई थी। पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी तो इस समस्या का समाधान हो पाया था और ही प्रशासन नगर पालिका परिषद ने इस ओर कोई ध्यान दिया था। मोहल्ले में 100 परिवार के लगभग 1 हजार से भी अधिक सदस्य निवास करते है जो हमेशा तेज र्दुगंधयुक्त हवा में सांस लेने एवं बैक्टीरियायुक्त पानी का सेवन करने पर मजबूर हैं।
मोहल्ले के नागरिकों का कहना है कि छोटी नाली होने के कारण नाली का पानी ओवरफ्लो होकर उनके घरों तक पंहुच जाता है। आलम यह है कि इस मोहल्ले में प्रात: मलयुक्त पानी बिखर जाने से लोगों का चलना दुभर हो जाता है। मजबूरी में यहां के नागरिक अपने घरों के सामने पानी उड़ेल कर इसकी सफाई करते हैं। मोहल्ले के नागरिेक व्ही के सिंह,महेंद्र सिंह,आरके मिश्रा,एपनी जांगड़े,पिताम्बर सिंह सहित मोहल्लेवासीयों ने इस समस्या के निदान के लिए मलयुक्त पानी का बहाव रोकने की कई बार मांग की भी की थी लेकिन आज तक उसका समाधान नही हो पाया था, जिससे यहां के नागरिक आक्रोशित थे।
ये होगा फायदा
{जेलसे निकलने वाले गंदे पानी का समाधान हो जाने से जेल के पीछे रहने वाले मोहल्लेवासियाें का इसका कई फायदा होगा।
{ जेल से निकलने वाला गंदा पानी अब सीधे मोहल्ले में नहीं पंहुचेगा।
{ जो पानी मोहल्ले के कुआं एवं हैंडपंप में रिस कर जा रहा था और जिससे पानी प्रदुषित हो रहा था अब वह नहीं होगा।
{ मोहल्ले वालों को र्दुगंधयुक्त वातावरण से निजात मिल जाएगा।
{ जेल के पीछे फैली गंदगी भी साफ सुधरी हो जाएगी।
{ माेहल्लेवासियों को अब मलेरिया और डायरिया होने का खतरा कम हो जाएगा।
समस्या का हुआ समधान,निकाला गया वैकल्पिक उपाए
इससमस्या से परेशान मोहल्लेवासियों ने मंगलवार को समस्या के निदान के लिए अपने वार्ड की पार्षद श्रीमती मीरा गुप्ता के पास पंहुचे थे।पार्षद ने लोगों की समस्या को सुनने के बाद मोहल्लेवासियों के साथ तत्काल नगर पालिका पारिषद पंहुच गई और नगर पालिका अध्यक्ष हीरूराम निंकुज को को इस समस्या से अवगत कराया।नगर पालिका अध्यक्ष ने समस्या से अवगत होने के बाद तत्काल नगर पालिका के अधिकारियों और पार्षद के साथ मौके पर निरिक्षण के लिए पंहुच गए।जेल के पीछे का निरिक्षण करने एवं वहां से निकलते हुए मलयुक्त गंदे पानी को देखकर तत्काल उन्होने जेल के सहायक अधिक्षक को मौके पर बुला कर समस्या के समाधान के संबंध में बात की।जिस पर जेल के सहायक अधिक्षक मुकेश कुश्वाहा ने बताया कि जेल के अंदर एक सेप्टीक टैंक का निर्माण कराया जा रहा है एवं एक और टैंक के लिए 26 फरवरी को निविदा बुलवाया गया।जेल के अंदर ही सेप्टीक टैंक का निर्माण हो जाने से इस समस्या से निजात मिल जाएगी।निरिक्षण के दौरान उन्होने देखा की जेल के पीछे एक बड़ा सा सूखा हुआ कुआं है जिसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। इस कुएं को देखकर वहां उपस्थित अधिकारी एवं नगर पालिका अध्यक्ष हीरूराम निंकुज,पार्षद मीरा गुप्ता एवं वहां उपस्थित नागरिकों ने निर्णय लिया कि जब तक नए सेप्टीक टैंक का निर्माण नहीं हो जाता है तब तक जेल से निकलने वाले गंदे पानी को मोहल्ले की ओर ना बहाते हुए उसे इस कुआं में भी गिराया जाए।जिसे हर सप्ताह नगर पालिका के द्वारा साफ कर दिया जाएगा।ऐसा कर दिए जाने से मोहल्ले की ओर गंदा पानी नहीं जाएगा।
नगर पालिका अध्यक्ष एवं पार्षद जेल के पीछे का निरिक्षण करते हुए।