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दो लाख 27 हजार मामले निपटे, मिला 11 करोड़ का राजस्व

7 वर्ष पहले
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जिलेमें बीते 6 दिसंबर को आयोजित लोक अदालत पूरी तरह सफल रहा। नेशनल लोक अदालत में जशपुर जिलें में 24 खंडपीठों के माध्यम से लोक अदालत में आने वाले मामलों का निपटारा किया गया। लोक अदालत के सफल संचालन में कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ, एसपी जेएस मीणा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। न्यायालयीन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 107 विषयों से संबंधित मामलों का यहां निपटारा किया गया। जिसमें मनरेगा के मजदूरी भुगतान जैसे मामले भी इस बार निपटाए गए यह एक बेहतर पहल थी। जिसमें सैकड़ों मजदूरों को लाभ मिला।

मिली जानकारी के मुताबिक जिले भर में 24 खंडपीठों के माध्यम से कुल 2 लाख 27 हजार 310 प्रकरण निराकृत किए गए। निकायों बिजली विभाग जैसे कार्यालयों सहित हितग्राहियों को मिलने वाली राशि 11 करोड़ तक पहुंची। 11 करोड़ में भुगतान के साथ रिकव्हरी और हितग्राहियों को मिलने वाले लाभ, बिजली, पानी आदि के बकाया बिल भी शामिल हैं। राजस्व विभाग के नामांतरण से संबंधित 323 मामले निराकृत हुए जो लंबे समय से प्रक्रिया में थे और विभिन्न कारणों से नामांतरण नहीं हो पा रहा था। इस बार विशेष रूप से आय, जाति, निवास प्रमाण प़त्र सहित प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को भी गंभीरता से लिया गया। जिसमें से 13 हजार 60 मामलों का निराकरण हुआ। पहली बार मनरेगा के भुगतान मामले भी अधिक चर्चा में रहे और 46 हजार 40 मामलों का निराकरण हुआ। इन मामलों में 49 लाख 78 हजार 401 रुपए का भुगतान लोक अदालत के माध्यम से प्री लिटेगेशन मामलों के तहत हुआ, जिसमें कलेक्टर हिमशिखर गुएेता, जिला पंचायत सीईओ जेपी मौर्य की भी विशेष भूमिका रही।

बेटे को माफ िकया-कई दांडिकमामलों में परिवार के बीच आपसी वैमनस्यता भी समाप्त हुई। ऐसे ही एक मामले में बगीचा में एक विशेष मामले का निपटारा हुआ। जिसमें पिता भिंसू राम के साथ मारपीट करने वाला बेटा रामदेव डेढ़ माह से जेल में था। जिसे पिता ने माफ करते हुए गले से लगाया और समझौता कर लिया। इसी तरह बगीचा में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के न्यायालय में विचाराधीन द्रप्रसं के धारा 125 से जुड़े मामले में अलग-अलग रहने वाले पति पवन गुप्ता और प|ी श्रीमती मीना गुप्ता ने लोक अदालत में एक साथ रहने का निर्णय लिया।

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