1 लाख 56 हजार से अधिक बच्चों को खिलाई जाएगी कृमिनाशक गोली
6 साल के बच्चों से लेकर 19 साल तक के युवाओं के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए बुधवार को नेशनल डी वार्मिंग-डे मनाया जाएगा। इस दौरान स्कूल व आंगनबाड़ी में बच्चों को कृमि नाशक दवाई एलवेंडाजोल दी जाएगी। जिले के कुल 2534 स्कूलों के 1 लाख 56 हजार 399 बच्चों को दवाई देने के लिए चिह्नांकित किया गया है। 10 फरवरी को जो बच्चे दवाई लेने से छूट जाएंगे, उन्हें 15 फरवरी को दवाई दी जाएगी।
अभियान से स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग को जोड़ा गया है। अभियान में आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूलों पर फोकस रहेगा। शाला अप्रवेशी व शाला त्यागी 6 से 19 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में एल्वेंडाजोल की गोली दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान के लिए पूरी तैयारी कर ली है। मैदानी अमले को इसके लिए पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिले के स्कूलों के लिए एल्वेंडाजोल की 1 लाख 84 हजार 220 गोली एवं आंगनबाड़ी के लिए 42 हजार 920 गोली उपलब्ध करा दी गई है। एसीएमएचओ डॉ. बीबी बोर्डे ने पूरे अभियान के दौरान मॉनिटरिंग व पर्यवेक्षण के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं।
अभियान को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। 6 से 19 साल तक के बच्चों को कृमिनाशक दवाई दी जाएगी। विभाग का प्रयास रहेगा कि कोई भी बच्चा दवाई लेने से न छूटे। डॉ. बीबी बोर्डे, सीएमएचओ
निकली रैली, दिया संदेश
नेशनल डी वार्मिंग-डे के एक दिन पूर्व मंगलवार को नर्सिंग छात्राओं ने शहर में रैली निकाली। रैली सीएमएचओ कार्यालय से शुरू होकर मुख्य मार्गों का भ्रमण करती हुई वहीं समाप्त हुई। रैली में शामिल नर्सिंग छात्राएं नारे लगाती हुई लोगों को इसकी जानकारी दे रहीं थीं, और कृमि नाशक दवाई लेने के लिए प्रेरित कर रहीं थीं।
शारीरिक व मानसिक विकास में बाधक है कृमि
चिकित्सकों का कहना है कि पेट में कृमि के कई समस्याएं हो सकती हैं। पेट के कीड़ों का मनुष्य पर आक्रमण करने का प्रमुख कारण है पीने के साफ पानी का अभाव, दूषित एवं अशुद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन एवं शारीरिक स्वच्छता के प्रति उदासीनता। पेट में कीड़े होने से बुखार, शरीर का पीला पड़ जाना, पेट में दर्द, धड़कन बढ़ना, चक्कर आना, खाना अच्छा न लगना और कभी-कभार दस्त होना आदि लक्षण दिखाई देते हैं। कृमि के कारण बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है।