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फड़ मुंशी द्वारा किसानों के साथ किया आहरण

5 वर्ष पहले
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6 डीओ जमा किए बिना हो गया धान का उठाव
कोतबा धान खरीदी केन्द्र में भारी गड़बड़ी होने की आशंका जताई जा रही है। खरीदी केन्द्र से धान परिदान होने के लिए 144 डीओ जारी किया गया था, पर सिर्फ 138 डीओ को खरीदी केंद्र में जमाकर संबंधित मिलरों द्वारा उठाव किया गया, वहीं शेष 6 डीओ लेटर खरीदी केन्द्र में जमा नहीं होने से फर्जी तरीके से शासन के रुपयों का बंदरबाट होने को माना जा रहा है।

गुरुवार को राजस्व व खाद्य विभाग की जांच टीम जैसे ही खरीदी केन्द्र पहुंची डीओ से संबंधित सभी दस्तावेज जब्तकर लिया गया, जहां मौके पर केन्द्र में जमा 138 डीओ में संबंधित मिलरो को परिदान की गई धान का उल्लेख तथा चेक पंजी रजिस्टर, खरीदी पंजी, बारदाना वितरण पंजी, धान आवक पंजी सहित अन्य पंजीयों को भौतिक सत्यापन के लिए ली गई है, वहीं इस वर्ष के खरीदी 65 हजार 707.20 क्विंटल कुल धान खरीदी की गई है। इसमें 3.60 क्विंटल धान कमी पाया जाना बताया जा रहा है व भारी मात्रा में बारदाने की भी कमी है। इससे स्पष्ट होता है कि धान खरीदी में एक बार फिर विवादों के घेरे में है यहां धान को फर्जी तरीके से डीओ में खपाकर शासन के रूपयों का बंदरबाट किया गया है, जिससे खरीदी समिति द्वारा यहां के खरीदी पंजी में छेड़छाड़ कर खरीदी के अंतिम दिन 58 किसानों के नाम पर धान खरीदी कर 75 किसानों के नाम से खरीदी करने को बताया गया है। समिति द्वारा भी खाली बारदानें छुपाने से साफ जाहिर होता है कि यहां भारी पैमाने में फर्जी धान को डीओ का काम किया गया है, जिससे बारदाना बढ़ जाने से उस बारदानें को खरीदी समिति द्वारा छुपाया गया। फिलहाल इन सब पहलुओं पर अधिकारी अब तक कोई जांच नहीं की है। इससे अधिकारियों के जांच में सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

गड़बड़ी की पूरी आशंका
कोतबा धान खरीदी केन्द्र से 144 डीओ जारी कर धान उठावकर परिदान किया जाना था, पर संबंधित मिलरो ने 138 डीओ लेटर जमा करके धान का उठाव किया है। शेष 6 डीओ नहीं जमा होने से गड़बड़ी करने के संकेत हैं। मिलरो से सांठगांठ कर यह फर्जी खेल खेला गया है, जिससे अब खरीदी समिति डीओ लेटर गुम होना यहां फिर संबंधित मिलरो ने जमा नहीं करना बताया जा रहा है।

जांच पर भी उठ रहे सवाल
कोतबा धान खरीदी केन्द्र में हुए गड़बड़ी के आरोप को लेकर जांच कर रहे अधिकारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। खाली बारदानें छुपाने, 58 किसानों के नाम पर धान खरीदी बताकर 75 किसानों को लाभांवित करने की शिकायत जांच नहीं होने से खरीदी समिति व जांच अधिकारियों की मिलीभगत होने का आशंका है, वहीं गड़बड़ी की खबर प्रकाशित होते ही धान खरीदी केन्द्र में अधिकारियों ने एक सप्ताह से जांच में जुटे है।





और कई गड़बडियां देखने को मिला है।

कोतबा धान खरीदी केन्द्र से 144 डीओ संबंधित मिलरों को धान परिदान करने जारी किया गया था जिसमें 138 डीओ जमाकर धान का उठाव किया गया है 6 डीओ मिलरो द्वारा जमा नहीं किया जाना बताया जा रहा है। धान खरीदी से संबंधित दस्तावेज जब्त कर जांच के लिए तहसीलदार को दिया गया है। मो. अल्लाउद्ीन खान, खाद्य निरीक्षक पत्थलगांव

कोतबा धान खरीदी केंद्र जहां हुई है गड़बड़ी।

फर्जी तरीके से डीओ में सप्लाई बताकर किसानों के नाम पर धान बेचकर रुपए आहरण कराने किसान से मिलीभगत कर लाखों रुपए आहरण किया गया है।यहां खरीदी समिति द्वारा अमानक धान को किसानों के खाते में बेचा गया है और किसानों के नाम से चेक बनाकर फड़ मुंशीयों द्वारा बैंक से रुपए आहरण किया गया है।

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