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कंडक्टर ने किया दुर्व्यवहार, ग्रामीणों ने 4 घंटे तक रोके रखी सिटी बस

5 वर्ष पहले
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सोमवार की सुबह जैसे ही जशपुर से सिटी बस नीमगांव पहुंची, वहां ग्रामीणों ने बस को घेरकर सड़क पर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप था कि सिटी बस का कंडक्टर सोनू हमेशा यात्रियों से दुर्व्यवहार करता है। मनमाना किराया वसूल करता है। अगर ग्रामीण दूसरे वाहन में सफर करना चाहते हैं, तो कंडक्टर वाहन चालकों से बदसलूकी करता है।

इधर सिटी बस को घेर लिए जाने की खबर पर अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। काफी समझाइश और कंडक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का भरोसा मिलने के बाद ग्रामीण शांत हुए और उन्होंने सिटी बस को छोड़ा। इस हंगामे के चार घंटे बाद अधिकारी दोपहर 2 बजे सिटी बस को लेकर वापस जशपुर पहुंचे। यहां से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित नीमगांव में सोमवार की सुबह लगभग 9 बजे उस वक्त हंगामा शुरू हुआ, जब जशपुर के पैंकू व किलिंग जाने वाली सिटी बस वहां पहुंची। पहले से एकत्र हुए ग्रामीणों ने वहां बस को रोक लिया और रास्ता जाम कर दिया। जिसकी जानकारी मिलते ही एसडीएम एसएस दुबे, एसडीओपी आरपी सिंह, प्रशिक्षु डीएसपी व कोतवाली प्रभारी अभिषेक सिंह |शेष पेज 12







दल-बल सहित मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण शिव कुमार राम ने बताया कि रविवार को जशपुर में लगे हुए जतरा मेला को देखने के लिए नीमगांव, पैंकू, रातामाटी सहित आसपास के गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीण जशपुर गए हुए थे। यहां से उन्हें लौटने में रात हो गई थी। भड़के हुए ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि वापसी के दौरान सिटी बस के कंडक्टर सोनू ने बस में सवार हुए लोगों के बदसलूकी की। ग्रामीणों का कहना था कि कंडक्टर ने बहुत से ग्रामीणों को बस में सवार होने से रोक दिया। मजबूरी में जब ग्रामीण गांव की ओर आ रहे एक ट्रैक्टर में सवार हुए, तो कंडक्टर सोनू ने रास्ते में उस ट्रैक्टर को रोक कर, चालक के साथ भी दुर्व्यवहार किया। जब ट्रैक्टर में बैठे ग्रामीणों ने सोनू को रोका, तो उसने शिव कुमार भगत का गला पकड़ लिया। किसी तरह मामले का शांत करा कर ग्रामीण अपने गांव वापस लौटे। सोमवार की सुबह जैसे ही कंडक्टर द्वारा शिव भगत के साथ किए गए दुर्व्यवहार की जानकारी मिली, ग्रामीण लामबंद हो गए। सुबह सिटी बस के पहुंचते ही ग्रामीणों ने बस को घेर कर बंधक बना लिया।

रास्ता में जाम कर सिटी बस को घेरे हुए आक्रोशित ग्रामीण

ग्रामीणों ने सिटी बस कंडक्टर के खिलाफ लिखित में शिकायत दी है। जिसकी जांच की जा रही है। पूछताछ के लिए कंडक्टर की तलाश की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभिषेक सिंह, प्रशिक्षु डीएसपी व सिटी कोतवाली प्रभारी

चार घंटे लग गए ग्रामीणों को मनाने में
सिटी बस को रोके जाने की सूचना मिलते ही अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने वहां पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास शुरु किया। पर ग्रामीण काफी भड़के हुए थे। वे मौके पर ही कंडक्टर सोनू को लाने की मांग कर रहे थे। ग्रामीण अधिकारियों की किसी भी बात को सुनने के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद एसडीएम दुबे व एसडीओपी सिंह ने ग्रामीणों से कंडक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत लेकर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का भरोसा दिया। तब जाकर ग्रामीणों ने सिटी बस को छोड़ा और जाम हटाया।

आटो भी नहीं चलने देने की हुई शिकायत
ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कंडक्टर द्वारा चिल्हर के नाम पर निर्धारित किराया से अधिक की वसूली की जाती है। इसके साथ बस में सीट, किराया और चिल्हर को लेकर भी बदसलूकी की जाती है। ग्रामीणों ने शिकायत की कि जब ग्रामीण बस को रुकवाते हैं, तो चालक व कंडक्टर बस को नहीं रोकते हैं। जिससे कई बार उन्हें पैदल या साइकिल से जशपुर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की कि सिटी बस के कर्मचारी गांव में अाटो व अन्य सवारी वाहनों को चलने नहीं देते हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में आटो या अन्य सवारी वाहन और चलाया जाए, जिससे ग्रामीणों को आवागमन की अधिक सुविधाएं मिल सकें।

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