- Hindi News
- खंभे गाड़े साल भर बाद भी नहीं कर सके वायरिंग
खंभे गाड़े साल भर बाद भी नहीं कर सके वायरिंग
गांवोंमें बिजली लगाने के लिए राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत क्षेत्र के कई गांवों में बिजली के खंभे तो गड़ चुके हैं। पर खंभे गाड़ने के साल भर बाद भी यहां वायरिंग नहीं की जा सकी है। जिसके चलते ग्रामीण आज भी बिना बिजली के ही रह रहे हैं। कांसाबेल ब्लॉक में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना दम तोड़ती नजर रही है।
ग्राम पंचायत दोकड़ा के आश्रित ग्राम पोखराटोली, सुखबासुटोली, बहालजोर, ग्राम पंचायत पतरापाली के आश्रित ग्राम बिहाबाल राउत बस्ती में, ग्राम पंचायत नकटी मुंडा के बाह्मनमुंडा खडिया बस्ती में एवं ग्राम पंचायत छेराघोघरा के सोनाजोरी बस्ती में, ग्राम पंचायत देवरी के कछुआ कानी बस्ती में विद्युतीकरण के नाम पर ठेकेदारों ने खंभे लगा दिए। साल भर से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी खंभे में तार नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्युत विभाग के आला अधिकारियों के दफ्तरों का वे कई बार चक्कर लगा चुके हैं। पर अधिकारियों से केवल आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। ऐसे में ग्रामीण कहां जाएं, किससे शिकायत करें।
हाथीप्रभावित हैं गांव- येगांव हाथी प्रभावित हैं। क्षेत्र में हाथियों का तीन दल घूम रहा है। अंचल में हाथी एक माह में करीब 40 घरों को तहस-नहस कर चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी अंधेरे में गांव में घुस जाते हैं और आतंक मचाते हैं। बिजली नहीं होने से ग्रामीण हाथियों से बचने के लिए बारी-बारी से लकड़ी जलाकर रात में पहरा करने को मजबूर हैं। विद्युतीकरण करने में विभाग की लापरवाही के चलते लोगों में काफी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द इन गांवों में बिजली नहीं लगती है, तो वे आंदोलन करने को बाध्य हो सकते हैं। इस क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत इस गांव में भी विद्युतीकरण कर गांव को रोशन कर दिया जाएगा तो ग्रामीणों को बहुत राहत मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि ये गांव हाथी प्रभावित गांव है और अक्सर रातों को हाथियों का दल यहां धमकता है।
और ग्रामीणों के फसलों के साथ-साथ घरों को भी नुकसान पहुंचा देते हैं।गांव में अंधेरा होने के कारण उन्हें हाथियों को भगाने में भी काफी परेशानी का समाना करना पड़ता है।यदि इन गांवों में बिजली जाएगी तो रोशनी के वजह से हाथी भी इस क्षेत्र में कम आएंगे जिससे उनका नुकसान भी कुछ हद तक कम हो जाएगा।
सीध