5 माह बाद चिपयुक्त स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस ही होंगे वैध
40 हजार ड्राइविंग लाइसेंस 30 जून के बाद होंगे अमान्य, 0 उसकी जगह बनेंगे चिपयुक्त स्मार्ट कार्ड
भास्कर न्यूज | जशपुरनगर
जिले भर के करीब 40 हजार वाहन मालिकों के पुराने ड्राइविंग लाइसेंस को 30 जून के बाद अमान्य कर दिया जाएगा। उनकी जगह परिवहन विभाग नया चिपयुक्त स्मार्ट कार्ड जारी करेगा। चिपयुक्त इस स्मार्ट कार्ड में वाहनों के पंजीकरण तथा चालक के ड्राइविंग लाइसेंस का पूरा ब्योरा दर्ज रहेगा।
जिला परिवहन अधिकारी एसके कंवर ने बताया कि परिवहन विभाग के कार्यों में पारदर्शिता एवं गतिशीलता लाने के उद्देश्य से सभी ड्राइविंग लाइसेंस को चिपयुक्त स्मार्ट कार्ड में परिवर्तित करने से कामकाज में आसानी होगी। इस जानकारी को विभाग के वेब पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। अभी करीब 40 हजार वाहन चालकों के पास पुराने ड्राइविंग लाइसेंस हैं, इसे निरस्त कर चरणबद्ध तरीके से स्मार्टकार्ड में परिवर्तित किया जाएगा। इससे विभाग पूरी तरह से पेपरलेस होने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों की स्केनिंग होने के बाद इसे वेब पोर्टल में अपलोड करने से विभाग को अनावश्यक दस्तावेज रखने से छुटकारा मिलेगा। वहीं आम जनता व संबंधित विभाग को ई-सेवा से दस्तावेज आसानी से उपलब्ध कराया जा सकेगा।
फर्जी लाइसेंस पर लगाम लगेगी
स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। शीघ्र ही जिले में लोगों को स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस मिलेंगे। इससे फर्जी लाइसेंस पर लगाम लगेगी। लोगों से आग्रह है कि वे अपना स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लें। एसके कंवर, जिला परिवहन अधिकारी
ऐसा होगा स्मार्ट कार्ड
बताया जाता है कि चिपयुक्त स्मार्ट कार्ड लाइसेंस में इनबिल्ट होलोग्राम के साथ 64 केबी की चिप लगी होगी। इसमें लाइसेंस धारक का पता, जन्म स्थान, रक्त समूह, मोबाइल नंबर आदि जानकारी दर्ज होगी। इसकी खासियत यह होगी कि गुम या चोरी होने की स्थिति इसे कॉपी नहीं किया जा सकेगा।
ये होंगे लाभ
स्मार्ट कार्ड आधारित ड्राइविंग लाइसेंस होने के कई लाभ हैं। स्मार्ट कार्ड पूरी तरह से बॉयोमीट्रिक्स कार्ड होगा। इस पर फोटो, हस्ताक्षर आदि इलेक्ट्रॉनिक रूप में होंगे। स्मार्ट कार्ड लाइसेंस और आरसी पर कोई टेम्परिंग नहीं की जा सकेगी। डाटा चिप में होने के चलते केवल डाटा रीडर्स द्वारा ही डाटा को पढ़ा जा सकेगा। इसके कारण लाइसेंस सुरक्षित रहेगा। फर्जी लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र के बनने की आशंका खत्म हो जाएगी।