200 क्विंटल धान में लगी आग
मौसमकी बेरूखी से बूढे, बच्चे भी परेशान है। इससे बच्चों को आग के लाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इसी गांव की चपेट में आने से करीब दो सौ क्विंटल धान खाक हो गया।
मामला सारंगढ़ ब्लाक के ग्राम पंचायत जशपुर कछार का है। जशपुर कछार निवासियों परदेशी मरार, बजाला मरार, पूरन गुड़ां का धान कोठार में रखा हुआ था, पिछले 2-3 दिनों से मौसम की खराबी के कारण दिनभर ठंड का आलम होने से ग्रामीण अंचल में अलाव का मजा लोक बाग ले रहे थे। हवा के झोकों से अाग की चिंगारी कोठार में रखे 9 एकड़ के धान की खरही तक पहुंच गई और देखते ही देखते आग की लपटे धान खरही को अपनी चपेट में ले लिया। जैसे-तैसे करके ग्रामीणों ने आग की लपटों पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक धान की खरही जलकर राख हो गई। गाम पंचायत जशपुर कछार के सरपंच गणेशराम जायसवाल ने बताया कि किसानों को धान ज्यादा दिन अपने पास सुरक्षित रखना पड़ रहा है, क्योंकि पूर्व में किसान धान जशपुर के ही उपकेन्द्र में बेच देते थे। अब यह उपकेन्द्र मल्दा स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के किसानों को काफी परेशानियों से धान बेचने मल्दा जाना पड़ रहा है। बेचने से पूर्व धान अपने कोठार में काफी दिनों तक उन्हें रखना भी पड़ रहा है। इसी कारण उक्त किसानों को उक्त दुखद घटना का सामना करना पड़ा है।