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दुकान की नीलामी का विरोध करने वालों पर कसा शिकंजा

6 वर्ष पहले
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भास्करन्यूज |जशपुरनगर

बगीचानगर पंचायत में बस स्टैंड के दुकानों की नीलामी का विरोध व्यवसायियों सहित स्थानीय लोगों को महंगा पड़ गया। विरोधियों में से सात को मंगलवार देर शाम एसडीएम के न्यायालय से जमानत मिल पाई, वहीं चार की जमानत याचिका खारिज हो गई और चार लोगों को बुधवार को जेल भेज दिया गया।

बगीचा एसडीएम न्यायालय द्वारा प्रतिबंधात्मक कार्रवाई में जमानत याचिका खारीज किए जाने के बाद बगीचा ही नहीं बल्कि पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। इससे पहले हाथी बचाओ आंदोलन में करीब 8 साल पहले किसान नेता को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई में जेल भेजा गया था। स्वयं के मुचलके से होने वाले जमानत में सामान्यतः किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसे मामलों में जेल की भी हवा खानी पड़ सकती है। उल्लेखनीय है कि बीते 5 फरवरी को बगीचा में बने हाइटेक बस स्टैंड के दुकानों की नीलामी के दौरान स्थानीय प्रशासन नागरिकों के बीच जमकर झड़प हुई थी, जिसमें सैकड़ों की संख्या में नागरिक शामिल थे। एक ओर जहां व्यवसायी नीलामी की प्रक्रिया का विरोध कर रहे थे वहीं दूसरी ओर प्रशासन के द्वारा नीलामी की कार्यवाही शाम चार बजे तक जारी रखी और अंततः लोगों के उग्र रुप को देखते हुए प्रशासन ने नीलामी की कार्यवाही को स्थगित कर दिया था। इस दौरान कई बार व्यवासायियों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा एसडीएम पुष्पेन्द्र मीणा से मुलाकात कर मामले को सुलझााने का प्रयास किया गया और काफी मिन्नतों के बाद मामला शांत किया जा सका। लगभग चार घंटे के विरोध प्रदर्शन में कई बार व्यवसायियों के साथ पुलिस की झूमाझटकी भी हुई थी। कार्यवाही और नीलामी के विरोधियों के जेल जाने के बाद व्यवसायी वर्ग का आंदोलन अब ठंडा पड़ गया है। नीलामी की कार्यवाही स्थगित करने के बाद आने वाले दिनों में फिर से दुकानों की नीलामी की जानी है पर एक दर्जन व्यवसायियों पर कानूनी कार्यवाही होने के बाद व्यापारी वर्ग शांत पड़ गया है।

इनकेखिलाफ हुई कार्रवाई-जिन लोगोंके विरूद्ध कार्रवाई हुई है, उसमें बजरंग अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, कृष्णारवि, विनय जायसवाल,नसीम खान,ग्यारसी लाल शर्मा,राजेश शर्मा को जमानत मिल गई। इन्हें जमानत नहीं मिली और जेल भेज दिया गया, उसमें राजू शर्मा, कौशल, बनवारी शर्मा नवीन शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों में दुर्गा एवं सज्जन जैन को भी न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किया गया था पर नोटिस तामील होने के कारण वे न्यायालय में उपस्थित नही हो सके।

प्रशासन ने दर्ज कराया था मामला

दोदिन पहले रविवार शाम को तीन व्यवसायियों के विरूद्ध पुलिस थाने में सीएमओ ने शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने गाली गलौज किए जाने की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई साथ ही एक दर्जन लोगों पर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया, जिसमें मंगलवार को पुलिस के द्वारा एसडीएम न्यायालय में इश्तगासा पेश किया गया, जहां 13 व्यक्तियों को न्यायालय में प्रस्तुत होने का नोटिस जारी किया गया। दो नोटिस की तामीली होने पर 11 व्यक्ति एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत हुए, जहां शाम पांच बजे के आसपास सुनवाई के दौरान सात प्रदर्शनकारियों को मुचलके पर रिहा किया गया वहीं चार प्रदर्शनकारियों के द्वारा जमानतदार एक लाख की कोर्ट साल्वेंसी जमा कर पाने के कारण उन्हें जमानत नहीं दी गई और जेल भेज दिया गया था।