2जी और कोयला...

5 वर्ष पहले
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2जी और कोयला...

बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को हटा दिया था। प्रशासकों का एलान पिछली सुनवाई पर ही होना था। लेकिन कोर्ट को सौंपे गए 9 नामों में कुछ लोग 70 साल से ज्यादा के थे। इस पर कोर्ट ने 27 जनवरी तक बंद लिफाफे में दोबारा नाम मांगे थे।

नए प्रशासक करेंगे ये तीन काम: 1. सीईओ राहुल जौहरी के साथ मिलकर बोर्ड का रोजमर्रा का काम संभालना और फैसले लेना। 2. लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें बीसीसीआई समेत किस राज्य में कितनी लागू हुईं हैं? इसकी जांच कर चार सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपना। 3. लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अनुसार बीसीसीआई पदाधिकारियों का चुनाव जल्द करवाना।

आईसीसी की मीटिंग में शामिल होंगे अमिताभ, अनिरुद्ध और लिमये: जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय बेंच ने फरवरी के पहले सप्ताह में होने वाली आईसीसी की मीटिंग में शामिल होने वाले अधिकारियों के नाम भी तय कर दिए। बीसीसीअाई की ओर से बोर्ड के संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी, कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी और नए प्रशासक विक्रम लिमये जाएंगे। केंद्र ने खेल मंत्रालय के सचिव को पैनल का सदस्य या कम से कम ऑब्जर्वर बनाने की मांग की थी। कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।

अटॉर्नी जनरल से कोर्ट ने पूछा था-अब तक कहां थे? : इस केस में रेलवे, सर्विसेज और यूनिवर्सिटीज यूनियंस की तरफ से पेश हुए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से देश की इमेज खराब हुई है। इस पर कोर्ट ने उनसे पूछा कि जुलाई में जब फैसला हुआ थ, तब आप कहां थे?

यह है पैनल: 1. अध्यक्ष : विनोद राय, पूर्व कैग, उम्र 68 साल: क्यों चुना: नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) रहते विनोद राय ने यूपीए सरकार में कोयला घोटाले और टूजी स्पैक्ट्रम घोटाले का खुलासा किया था। सख्त प्रशासक रहे हैं। बीसीसीआई में जाएंगे तो वहां भी घोटाले उजागर करेंगे। अभी संयुक्त राष्ट्र के बाहरी ऑडिटर्स के अध्यक्ष हैं। रेलवे के एडवाइजर और रेलवे काया-कल्प काउंसिल के सदस्य भी हैं।

2. रामचंद्र गुहा, इतिहासकार, उम्र 58 साल :क्यों चुना: समाज, राजनीति और पर्यावरण सहित क्रिकेट पर काफी रिसर्च किया। कई किताबें लिखी हैं। क्रिकेट के अच्छे जानकार हैं। बीसीसीआई के इतिहास से भी अच्छी तरह वाकिफ हैं।

3. डायना एडुलजी, पूर्व क्रिकेटर, उम्र 61 साल :क्यों चुना: पैनल में क्रिकेटर के तौर पर शामिल किया गया है। खिलाड़ियों से जुड़ी समस्याएं अच्छे से उठा सकेंगी। भारतीय महिला टेस्ट टीम की कप्तान रह चुकी एडुलजी लेफ्ट आर्म स्पिनर थीं। उन्होंने कॅरिअर में 20 टेस्ट और 34 वनडे खेले और 109 विकेट लिए थे।

4. विक्रम लिमये, बैंकर, उम्र 50 साल :क्यों चुना: विक्रम लिमये का क्रिकेट से कोई लेना-देना नहीं है। वह आईडीएफसी लिमिटेड के एमडी और सीईओ हैं। बैंकर विक्रम ने चार्टर्ड एकाउंटेंट की पढ़ाई की है। वे बोर्ड के फाइनेंस से जुड़े सारे मामले समझ सकते हैं और उन्हें सुलझाने में मदद करेंगे।

रायपुर और रांची...

आरबीआई के ऑर्डर के मुताबिक, आईपीपीबी के जरिए बेसिक वित्तीय सुविधाएं दी जाएंगी। इसके तहत सोशल सिक्युरिटी समेत सभी तरह के पेमेंट्स आसान हो जाएंगे। इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड्स, पेंशन स्कीम के साथ दूसरे बैंकों के क्रेडिट प्रोडक्ट्स भी यहां बेचे जाएंगे। खाताधारियों को डेबिट कार्ड दिया जाएगा, जिससे एटीएम से पैसे निकाले और खरीदारी की जा सकेगी।

दूसरे बैंक से कैसे अलग है? :पेमेंट बैंक टेक्निक बेस्ड बैंकिंग सिस्टम है, जिसमें सेविंग अकाउंट में ज्यादा से ज्यादा एक लाख रुपए जमा कराए जा सकते हैं। ये बैंक कर्ज नहीं दे सकते। इसमें पोस्टमैन हैंडहेल्ड मशीन के जरिए घर-घर जाकर पैसों का लेनदेन करेंगे। जल्द ही पोस्ट ऑफिस के 1000 एटीएम भी खोले जाएंगे। शुरुआत में 1 लाख अकाउंट्स खोलने का लक्ष्य रखा गया है। एयरटेल और पेटीएम के बाद आईपीपीबी तीसरी बैंक है, जिसे पेमेंट बैंक का परमिट मिला है।

बैंक से ज्यादा मिलेगा ब्याज :बैंक के सीईओ एपी सिंह ने बताया कि आईपीपीबी में 25000 रु. के डिपॉजिट पर 4.5% ब्याज मिलेगा। फिलहाल दूसरे बैंकों के बचत खाते पर 4 फीसदी की दर से ब्याज दिया जा रहा है।सिर्फ एयरटेल पेमेंट बैंक ही है जिसने 7.25% की दर से ब्याज देने का ऐलान किया है। इसके अलावा आईपीपीबी 25000 से 50000 तक के डिपॉजिट पर 5% और 50000 से 100000 के डिपॉजिट पर 5.5% की दर से ब्याज देगा।

एटीएम से अब...

की स्थिति आंशिक रूप से बहाल कर दी गई है। पर सेविंग अकाउंट से निकासी की सीमा जारी रहेगी। जल्द ही इसे भी हटाने पर विचार किया जाएगा।

सेविंग अकाउंट वालों...

तो बैंक से जितनी रकम चाहे निकाल सकता हूं ना...? :सेविंग अकाउंट से नहीं। मोड ऑफ ट्रांजेक्शन के आधार पर सिर्फ एटीएम से एक बार में पैसे निकालने की सीमा हटी है। चेक/विड्रॉल से पैसे निकालने पर नोटबंदी के बाद के नियम अब भी बने हुए हैं।

फिर इस फैसले से मुझे क्या फायदा होगा? :मेट्रो शहरों में दूसरे बैंक का एटीएम महीने में 3 और शहरी क्षेत्रों में 5 बार ही फ्री हैं। इसके बाद हर ट्रांजेक्शन पर 20 रु. लगते हैं। एक साथ ज्यादा पैसे निकालने से इस खर्चे में थोड़ी बचत होगी।

24 हजार की लिमिट हटने पर मनमाफिक निकासी होगी?:

आरबीआई ने कहा है कि एटीएम से सिर्फ उसके द्वारा लगाई लिमिट हटेगी। 8 नवंबर से पहले हर कार्ड पर बैंकों की जो लिमिट थी, वह लागू रहेगी। बैंक कार्ड जारी करते वक्त उसकी विड्रॉल लिमिट तय करता है।

आरबीआई ने अब जाकर यह फैसला क्यों किया? : अब तक 67% करंसी दोबारा चलन में आ चुकी है। डिजिटल ट्रांजैक्शन 40%, कार्ड पेमेंट 39% और पीओएस का इस्तेमाल 41% बढ़ा है। ऐसे में एटीएम और बैंकों पर दबाव कम हुआ है। इसलिए राहत दी है।

500-2000 के...

साथ ही नकली नोट छापकर जुआ-सट्टा के जरिये खपाने वाला अंतर्राज्जीय गिरोह फंसा। उनसे डेढ़ लाख के नकली नोट मिले। यह रैकेट पांच लाख के नकली नोट पहली खेप में छापकर उसे खपा चुका है। पुलिस ने काेरबा में छापे मारकर गिरोह के मास्टर माइंड अजय खूंटे(32)तेजस्वनी बंजारे को गिरफ्तार किया। नकली नोट छापकर दोनों शिवरीनारायण के ग्राम कुरियारी से दूजराम सायतोड़े(36)के माध्यम से बाजार में खपाते थे। अजय और तेजस्वनी बेहद शातिर हैं। जुए की फड़ में असली नोटों के बीच नकली नोट रखकर आसानी से लोगों को झांसा दिया जा सकता था। दोनों ने इसी फार्मूले को अपनाया। दूजराम के माध्यम से वे ऐसे लोगों को ही नोट देते थे, जो जुए की महफिल में चलाने को राजी होते। पुलिस की जांच में पता चला है कि जशपुर, कोरबा और कसडोल इलाके में वे नकली नोटों की पहली खेप के तौर पर पांच लाख खपा चुके हैं। जुए के अड्डे पर रेड पड़ जाने के कारण उनका खेल उजागर हो गया।

मास्टर माइंड के घर में छापाखाना : पूरे रैकेट के मास्टर माइंड अजय खुुंटे ने अपने घर पर ही छापा खाना बना लिया था। पुलिस की जांच में पता चला है कि अजय नकली नोट छापने के लिए कलर प्रिंटर का इस्तेमाल करता था। वह प्रिंटर से हाई रेजुलेशन में नोटों की स्कैनिंग करता। नोट के बीच हरे रंग की धारी बनाने के लिए चमक वाली स्कैच पेन का उपयोग किया जाता। नोट के लिए कागज का इस्तेमाल भी बड़ी सफाई से किया जाता। कागज बिलकुल ऐसा उपयोग किया जाता जो नए नोटों की मोटाई के बराबर हैं, उन्हें हाथ में लेने में हालांकि नकली होने का अनुमान हो जाता है, लेकिन जुए के अड्डे पर ध्यान नहीं दिया जाता।





इसी वजह से वहीं नोट खपाने का खेल चलाया जा रहा था।

2 हजार के 46, 500 के 70 और 100 के 247 नोट बरामद : आरोपियों से 1 लाख 51 हजार 700 के नकली नोट मिले। इनमें 2 हजार के 46 नोट, 5 सौ के 70 और 100 रुपए के 247 जाली नोट शामिल हैं।



नकली नोट छापने में इस्तेमाल कंप्यूटर, स्कैनर, कलर प्रिंटर और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं।

बड़े पैमाने पर हो रहा गिरोह का संचालन : जुए के फड़ के अलावा कई माध्यमों से नकली नोट खपाने वाले गिरोह में और लोगों के शामिल होने का संदेह है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। - आरिफ शेख, एसपी, बलौदाबाजार

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