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पांच स्कूलों के छात्रों ने सीखी बैंड के लय, ताल की बारीकियां

4 वर्ष पहले
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कुनकुरी | विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास और उनके कला कौशल को निखारने के उद्देश्य से दस दिवसीय बैंड प्रशिक्षण शिविर का आयोजन जबला के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किया गया। पूर्व माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर की जशपुर जिले की पांच अलग-अलग स्कूलों से लगभग तीन सौ विद्यार्थियों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन फादर प्रफुल्ल बड़ा के मुख्य आतिथ्य में किया गया। प्रशिक्षण शिविर में रांची से आए मुख्य प्रशिक्षक प्रेम राजा ने विद्यार्थियों को बैंड के लय और ताल के संबंध में बारीकियां बताईं। दस दिनों से चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले सत्र के अतिथियों को बैंड मार्च के सहित मंच तक लाया गया।

अतिथियों के स्वागत में बैंड एवं बांसुरी की तान के साथ लय, ताल सहित कदमताल का प्रदर्शन किया गया। आकर्षक वेश-भूषा में सजी बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जबला की छात्राओं ने सबसे पहले अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसके बाद क्रमशः ज्योति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घाघरा, बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नवाटोली कुनकुरी, पूर्व माध्यमिक विद्यालय कदमटोली मरोल तथा शांति नंदन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तमामुंडा द्वारा प्रस्तुति दी गई। विद्यार्थियों को दिए जा रहे इस बैंड बाजा प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह के मुख्य अतिथि फादर प्रफुल्ल बड़ा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि मात्र दस दिनों के इस प्रशिक्षण में आपने बहुत कुछ सीखा है। इस शिविर में आपने केवल बैंड बजाने, लय, ताल या कदम से कदम मिलाना ही नहीं सीखा है, बल्कि इसी के साथ आप लोगों ने अनुशासन संयम, व्यक्तित्व विकास, साहस एवं नेतृत्व के गुणों के साथ समूह निर्माण क्षमता के साथ आने अंदर की कला के प्रदर्शन का तरीका भी सीखा है।

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