रेलवे क्रासिंग पर घंटों जाम, लोग परेशान
खरसियारेलवे क्रासिंग पर यातायात के दबाव से रोज घंटों जाम लग रहा है और लोगों को हलाकान होना पड़ रहा है। खरसिया की समस्या के निराकरण के लिए आरओबी एवं यूआरबी की मांग कई सालों से की जा रही है रेल प्रशासन ने अारओबी बनाने के लिए सैद्धांतिक सहमति पिछले वर्ष दे दी थी, लेकिन राज्य शासन की मंजूरी के अभाव में लोगों को रोज रेलवे क्रासिंग पर घंटों जाम झेलना पड़ रहा है।
खरसिया नगर का रेलवे क्रासिंग पर यातायात के बढ़ते दबाव से प्रतिदिन घंटों जाम लग रहा है और लोग रेल क्रास करने के लिए इस जाम को मजबूरन झेल रहे हैं। खरसिया नगर के आसपास पिछले एक वर्षों में बडी संख्या में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हुई है, जिससे बडी संख्या में आवागमन करने वाले वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ। बड़ी संख्या में बाहर से लोग भी इन औद्योगिक इकाइयों में नौकरी के लिए रहे है और नगर की जनसंख्या में भी समय के साथ भारी इजाफा हो गया है। इसके कारण खरसिया नगर में स्थित रेलवे क्रासिंग पर यातायात का दबाव इतना बढ गया है कि दिन में कई-कई बार यहां घंटों के लिए जाम लग जाता है। रेलवे क्रासिंग पर कई बार इतनी भीड़ हो जाती है कि रेल गाड़ियों को मजबूरन रेल कर्मचारियों द्वारा रोकवाना पड़ता है, तब जाकर यात्रियों को हटाकर रेलवे क्रासिंग बंद किया जाता है और फिर रेल गाड़ी रवाना होती है। यातायात की इस समस्या के निपटने के लिए समय समय पर खरसिया के लोग आरओबी एवं यूआरबी की मांग रेलवे प्रशासन से करते रहे हैं, लेकिन अब तक इस पर सक्रिय पहल प्रशासन की तरफ से नहीं हुई है। सूत्रों के प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे ने आरओबी एवं यूआरबी बनाने के लिए सैध्दांतिक सहमति दे दी है, लेकिन मामला प्रदेश सरकार के मंजूरी के लिए अटका हुआ है। चूंकि आरओबी रेलवे एवं राज्य सरकार के संयुक्त रुप से बनाया जाता है, इसलिए राज्य सरकार की सहमति आवश्यक है। स्थानीय नागरिकों ने कई बार इस समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया है लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं होने से रेलवे क्रासिंग पर यातायात की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। कई बार तो यातायात का इतना दबाव हो जाता है कि रेलवे क्रासिंग की दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारे लग जाती है और सड़क पर घंटों जाम लग जाता है।
नगर के रेलवे क्रासिंग पर हर रोज लगती है ऐसी जाम।
कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना
कईबार ऐ