चुनाव के पहले खुली नगरपालिका की नींद
नगरीयनिकाय चुनाव आने के ठीक पहले खरसिया नगर पालिका की नींद टूटी है। आनन फानन में उन निर्माण कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया जा रहा है। बल्कि इन्हीं कार्यों का मुख्यमंत्री की विकास यात्रा के दौरान भूमि पूजन किया गया था। अंतर बस इतना है कि तब शिलालेख नहीं लगाए गए थे और अब शिलालेख लगाए जा रहे है।
नगरीय निकाय चुनाव के लिए अध्यक्ष के पदों का आरक्षण प्रदेश की राजधानी में किया जा चुका है। साथ ही जिले में वार्ड के पार्षदों के आरक्षण की प्रक्रिया भी तय की जा चुकी है। एक साल एक माह पूर्व सूबे के मुखिया डा.रमनसिंह विकास यात्रा के दौरान खरसिया आये थे तब उन्होंने थोक के भाव में निर्माण कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया था। ये कार्य कब के पूरे हो गये और अब अपने अस्तित्व के लिए भी संघर्ष करते नजर रहे है। साल भर बाद ख्याल आया है कि इनके भूमि पूजन और लोकार्पण के समय शिलालेख नहीं लगाए गए थे। अब आनन फानन में इन निर्माण कार्यों के पत्थर जगह जगह लगाये जा रहे हैं। ऐसा ही नजारा हमाल पारा के कंकुबाई धर्मशाला स्थित छात्रावास के पास आनंद टायर दुकान के पास एवं हमाल पारा शीतला मंदिर के समीप देखा गया। यहां निर्माण कार्यों से संबंधित पत्थर अब जा कर लगाये जा रहे हैं। जबकि किये गये निर्माण अब या तो क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या फिर टूटी फूटी अवस्था में हैं। सी.सी. रोड में बड़े बड़े गड्ढे हो चुके हैं। खैर चुनाव के पहले की यह जद्दोजहद जागरूक मतदाताओं को कितना ठग सकेगी यह आने वाले चुनाव के बाद स्पष्ट हो जाएगा।
विकास यात्रा के दौरान काम भी हुए और उन कामों का बुरा हाल भी हुआ, जो नहीं हुआ वह था कि निर्माण कार्यों के आगे शिलालेख को लगाना, चुनाव से पहले शिलालेख लगाने का काम चल रहा है
खानापूर्ति|